महात्मा गांधी को “स्वच्छ भारत” की भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करने की परिकल्पना के साथ, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने 2021 में लंबित मामलों के निपटान के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया। अभियान की सफलता को देखते हुए, डीएआरपीजी ने 2022, 2023, 2024, 2025 और आगे 2026 में भी इसे जारी रखने का निर्णय लिया। तदनुसार, नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक विशेष अभियान 5.0 चलाया गया, जिसका उद्देश्य लोक शिकायतों, संसद सदस्यों, राज्य सरकारों के संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी परामर्शों और मंत्रालयों/विभागों द्वारा दिए गए संसदीय आश्वासनों का समय पर और प्रभावी निपटान सुनिश्चित करना था।
लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता के लिए विशेष अभियान 5.0 का संचालन नीति आयोग और उसके संबद्ध कार्यालयों, विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ), नीति भवन में स्थित अटल नवाचार मिशन (एआईएम) और उसके स्वायत्त संस्थान, नरेला, नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय श्रम अर्थशास्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (एनआईएलईआरडी) द्वारा किया गया था।
इस अभियान के दौरान, जन शिकायतों, संसदीय आश्वासनों और प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भों के निपटारे में तेजी आई है। नीति आयोग ने सफलतापूर्वक 4,105 जन शिकायतें, 127 प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भ, 34 जन शिकायत अपील और 5 संसदीय आश्वासन निपटाए हैं। इसके अतिरिक्त, फाइलों के निपटान और कार्यालय स्थान के अनुकूलन के माध्यम से लगभग 90 वर्ग फुट जगह खाली की गई। स्क्रैप के निपटान से कुल 1,96,905 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
पिछले वर्षों की सफलता को देखते हुए, नीति आयोग स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और सचिवालय तथा संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से विशेष अभियान 6.0 की तैयारी कर रहा है। इस अभियान में सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों के संदर्भ, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भ, जन शिकायतें और सरकारी अपीलों के लंबित मामलों को निपटाने और अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कार्यालयों की समग्र स्वच्छता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्थान प्रबंधन और क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यस्थल अनुभव को बेहतर बनाना शामिल है।

