केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 02 दिसंबर से वाराणसी में शुरू हो रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 02 दिसंबर से वाराणसी के नमो घाट पर शुरू हो रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में “काशी एवं तमिल की संस्कृति, महान व्यक्तित्वों एवं केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों” विषय पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा […]
भारत-मालदीव संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन केरल में शुरू हुआ

भारतीय सेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन का 14वां संस्करण आज केरल के तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 2 से 15 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए 45 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए समान क्षमता वाले मालदीव के एक […]
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार साथी ऐप के अफवाहों पर स्पष्टीकरण दिया

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार साथी ऐप के नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा कि संचार साथी, पूरी तरह से लोकतांत्रिक और स्वैच्छिक है। उपयोगकर्ता अपनी सुविधानुसार इसके लाभों को उठाने के लिए ऐप को सक्रिय कर सकते हैं, और वे इसे किसी भी समय अपने डिवाइस से डिलीट कर सकते […]
निक बुलेटिन: 2 दिसंबर, 2025 अपराह्न 3:00 बजे (ग्राफ संलग्न)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बीएलओ/बीएलए की संख्या वितरित ईएफ ईएफ डिजिटल**** नाम मतदाता 27 अक्टूबर 2025 तक बीएलओ** बीएलओ *** संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत 1. लक्षद्वीप 57,813 55 133 57,813 100.00% 57,813 100.00% 2. राजस्थान* 5,46,56,215 52,222 1,02,737 5,46,19,218 99.93% 5,38,56,013 98.54% 3. गोवा 11,85,034 1,725 2,734 11,85,032 100.00% 11,64,627 98.28% 4. पश्चिम बंगाल 7,66,37,529 80,681 1,63,243 7,65,75,328 99.92% 7,45,99,892 97.34% 5. पुडुचेरी 10,21,578 962 2,265 […]
दिव्यांग अधिकारों के लिए भारत की प्रतिबद्धता

प्रमुख बातें देश में दिव्यांगता ढांचा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 जैसे प्रगतिशील कानून के माध्यम से विकसित हुआ है, जिसमें सभी क्षेत्रों में समानता, गरिमा और पहुंच पर जोर दिया गया है। संशोधित सुगम्य भारत ऐप, आईएसएल डिजिटल रिपॉजिटरी (3,189 ई-कंटेंट वीडियो), और आईएसएल प्रशिक्षण के लिए चैनल 31 जैसी पहलों के साथ, सरकार सीखने की एक बाधा मुक्त डिजिटल प्रणाली विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठा रही है। दिव्य कला मेला जैसे प्रमुख आयोजनों ने “वोकल फॉर लोकल” की भावना का प्रदर्शन करते हुए देश भर में दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को बाजार से संपर्क कराया है। एक समावेशी और सुलभ राष्ट्र के लिए भारत का दृष्टिकोण भारत में, जहां विविधता राष्ट्रीय पहचान की आधारशिला के रूप में पनपती है, वहां दिव्यांगजन अधिकारों के लिए गतिविधियां बढ़ रही हैं, जो सभी के लिए सच्ची समावेशिता और आत्मनिर्भरता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से प्रेरित है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्ति हैं जो कुल आबादी का 2.21 प्रतिशत हैं। इनमें से लगभग 1.50 करोड़ पुरुष और 1.18 करोड़ महिलाएं हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार, एक “दिव्यांगजन” वह शख्स है जो दीर्घकालिक तौर पर शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी हानि से ग्रस्त है। ये हानि बाधाओं के साथ बातचीत में, दूसरों के साथ समान रूप से समाज में उनकी पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालती है। दूरदर्शी नीतियों और गतिशील कार्यक्रमों के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी व्यक्ति अपनी दिव्यांगता के कारण वंचित न रहे, और प्रत्येक व्यक्ति के लिए अवसर और सक्रिय सामाजिक भागीदारी के मार्ग उपलब्ध रहे। दिव्यांग अधिकारों के लिए भारत का कानूनी और नीतिगत ढांचा दिव्यांग अधिकारों के लिए भारत का कानूनी और नीतिगत ढांचा गतिशील है और एक ऐसे परिदृश्य को आकार देता है जहां पहुंच, शिक्षा और सशक्तिकरण न केवल आदर्श हैं बल्कि दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) को सहज उपलब्ध भी हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 यह अधिनियम 2016 में अधिनियमित किया गया था और 19 अप्रैल, 2017 को दिव्यांगजन अधिनियम, 1995 की जगह लागू हुआ। यह अधिनियम दिव्यांगता की 21 श्रेणियों को मान्यता देता है, शिक्षा और रोजगार में आरक्षण को अनिवार्य करता है और दिव्यांगजनों के लिए पहुंच, गैर-भेदभाव और पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारों को कानूनी उत्तरदायित्व देता है। यह एक केंद्रीकृत प्रमाणन व्यवस्था भी पेश करता है और समावेशी शिक्षा, रोजगार और सामुदायिक जीवन के अधिकारों को मजबूत करता है। ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और बहु–दिव्यांगजन कल्याण के लिए राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 यह अधिनियम संबंधित मामलों और आकस्मिक प्रावधानों के साथ-साथ ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और बहु-दिव्यांगजन कल्याण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय निकाय की स्थापना करता है। भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) अधिनियम, 1992 भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) को शुरू में 1986 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में स्थापित किया गया था और बाद में 1993 में संसद के एक अधिनियम के तहत यह एक वैधानिक निकाय बन गया। आरसीआई अधिनियम, 1992 पुनर्वास परिषद को पुनर्वास पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विनियमित और निगरानी करने, पाठ्यक्रम को मानकीकृत करने और पुनर्वास और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में योग्य कर्मियों के केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर को बनाए रखने का अधिकार देता है। इस अधिनियम को 2000 में संशोधित किया गया था। दिव्यांगजन अधिकारों के कार्यान्वयन के लिए योजना अधिनियम 2016 (एसआईपीडीए) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के कार्यान्वयन के लिए योजना (एसआईपीडीए) दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) का एक व्यापक कार्यक्रम है। यह दिव्यांगजनों के लिए पहुंच, समावेश, जागरूकता और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं के माध्यम से आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। प्रमुख सरकारी पहल और योजनाएं सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए पहुंच और समावेश सुनिश्चित करने हेतु कई पहलों और योजनाओं को अपनाया है: सुगम्य भारत अभियान 3 दिसंबर 2015 को शुरू किया गया, सुगम्य भारत अभियान एक समावेशी और सुलभ राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास“ के दृष्टिकोण से निर्देशित यह अभियान दिव्यांगजनों के सामने लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करता है। यह तीन प्रमुख क्षेत्र – निर्मित बुनियादी ढांचा, परिवहन प्रणाली और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करने पर केंद्रित है। यह सभी के लिए समान पहुंच और भागीदारी सुनिश्चित करता है। […]
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति

मुख्य बातें भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2014 के 3 जीडब्ल्यू से बढ़कर 2025 में 129 जीडब्ल्यू हो गई। गैर जीवाश्म (फॉसिल) ऊर्जा भारत की 500 जीडब्ल्यू क्षमता की 50% से ज्यादा हो गई। रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन से घरों को मुफ्त बिजली मिलने के साथ, पीएम सूर्य घर से 22.65 लाख घरों को फायदा हुआ। पीएम-कुसुम ने किसानों के लिए 9.2 लाख स्टैंडअलोन सौर पंप की सुविधा दी, जिससे खेती में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ा। परिचय भारत की सौर ऊर्जा यात्रा उसे दुनिया भर में स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी के तौर पर उभरने में मदद कर रही […]
श्रम सुधार और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र: विकास और कल्याण के लिए एक आधुनिक अवसंरचना

मुख्य बिंदु कार्यबल के लचीलेपन और नियुक्ति के मॉडलों से नियोक्ताओं को दक्ष कामगारों और लागत के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का लाभ मिलता है। घर से काम के प्रावधानों समेत लचीली कार्य व्यवस्थाएं हाइब्रिड और दूरस्थ कार्य मॉडलों को कानूनी बुनियाद देकर अनुपालन सुनिश्चित करती हैं। सभी पंजीकरणों के लिए एकल डिजिटल इंटरफेस डिजिटलीकृत मानव संसाधन […]
प्रमुख डिजिटल भूमि सुधारों का शुभारंभ: भूमि संसाधन विभाग शहरी भूमि प्रशासन के लिए नक्शा और लैंडस्टैक पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन आने वाला भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) 3 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण और लैंडस्टैक (नक्शा) पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करने जा रहा है। यह संगोष्ठी जियोस्मार्ट इंडिया 2025 सम्मेलन और एक्सपो के अंतर्गत एक समर्पित मंच है जिसका उद्देश्य शहरी […]
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दूरसंचार आधारित सुरक्षा चेतावनी प्रणाली स्थापित करने के लिए रिलायंस जियो के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने और निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर एक दूरसंचार-आधारित सुरक्षा चेतावनी प्रणाली शुरू करने हेतु रिलायंस जियो के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। जियो के मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क का उपयोग करते हुए, यात्रियों को दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों, आवारा पशुओं के क्षेत्रों, कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों […]
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने असम दिवस के अवसर पर असम के लोगों को शुभकामनाएँ दीं

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने असम दिवस के अवसर पर असम के भाईयों-बहनों को शुभकामनाएँ दी हैं। श्री अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि असम दिवस के अवसर पर असम के भाईयों-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ। यह अवसर अहोम युग के वैभव को स्मरण करते हुए असम […]