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कपास उत्पादन, निर्यात, टैरिफ, और किसानों को सहायता

पिछले पांच वर्ष के दौरान देश में राज्य-वार कपास उत्पादन का विवरण नीचे दिया गया है। पिछले पांच कपास वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान प्रत्येक राज्य से संयुक्त राज्य अमरीका को कपास निर्यात का विवरण, साथ ही उसका मूल्य नीचे दिया गया है। देश में छह मिलियन से ज़्यादा किसान कपास की खेती करते हैं। किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए, 2025-26 सीज़न के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मध्यम स्टेपल कपास के लिए ₹7,710 प्रति क्विंटल और लंबे स्टेपल कपास के लिए ₹8,110 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो उत्पादन लागत पर न्यूनतम 50% रिटर्न प्रदान करता है। संकटग्रस्त बिक्री को रोकने के लिए, भारतीय कपास निगम ने 11 राज्यों में 570 खरीद केंद्र चालू किए हैं और 11.12.2025 तक, पारदर्शी ई-नीलामी तंत्र के माध्यम से ₹13,492 करोड़ मूल्य की 31.18 लाख गांठ कपास की खरीद की है। निर्यात के संबंध में, वैश्विक टैरिफ से संबंधित चुनौतियों के बावजूद, जनवरी-अक्टूबर 2025 के दौरान भारत का निर्यात 31.31 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जो कुल मिलाकर स्थिरता को दर्शाता है। निर्यातकों और कपड़ा क्षेत्र का समर्थन करने के लिए, सरकार ने निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएसई), आरबीआई ट्रेड रिलीफ 2025 लागू की है। कपास और कपास-आधारित उत्पादों के लिए निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) और राज्य और केंद्रीय करों और लेवी पर छूट (आरओएससीटीएल) के अंतर्गत लाभ जारी रखे हैं। ये हस्तक्षेप तरलता प्रदान करते हैं, लागत का बोझ कम करते हैं, और कपड़ा उद्योग को पर्याप्त कपास की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। सामूहिक रूप से, ये उपाय कपास किसानों की रक्षा करते हैं, निर्यातकों का समर्थन करते हैं, और कपास और कपड़ा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा क्षमता और लचीलेपन को बनाए रखते हैं। कपास उत्पादन और उपभोग समिति (सीओसीपीसी) के अनुसार, 2024-25 और 2025-26 दोनों सीज़न में कपास की घरेलू खपत उत्पादन से ज़्यादा है, जो वस्त्र क्षेत्र के लिए उपलब्धता बढ़ाने की ज़रूरत को दिखाता है। सरकार ने भारतीय वस्त्र क्षेत्र को पर्याप्त आपूर्ति और समर्थन देने के लिए 19.08.2025 से 31.12.2025 तक कपास आयात पर 11%  आयात शुल्क से छूट दी है। कपास आयात सीमित हैं और ज़्यादातर एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल जैसी खास किस्मों तक ही सीमित हैं, और एमएसपी ऑपरेशंस की लगातार सुरक्षा के कारण अस्थायी शुल्क छूट से किसानों पर बुरा असर पड़ने की आशंका नहीं है। घरेलू कपास की कीमतें  वैश्विक रुझान के हिसाब से ₹51,500–₹52,500 प्रति कैंडी के आसपास हो गई हैं, जिससे वस्त्र उद्योग के लिए कीमतें सस्ती बनी हुई हैं, साथ ही किसानों के हितों की रक्षा हो रही है और भारत की निर्यात  प्रतिस्पर्धा क्षमता मज़बूत हो रही है। पिछले पाँच वर्ष में देश में राज्य–वार कपास उत्पादन:   (प्रत्येक 170 किलोग्राम की लाख गांठ में) क्र.सं. राज्य 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 2024-25 1. पंजाब 10.23 6.46 4.44 6.29 4.14 2.  हरियाणा 18.23 13.16 10.01 15.09 11.77 3. राजस्थान 32.07 24.81 27.74 26.22 17.86 […]

कपड़ा क्षेत्र में अनुसंधान नवाचार एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा

भारत सरकार ने वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, ​​योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स-रैम्प्स) योजना को छह वर्षों (वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31) में 305 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी प्रदान की है। टेक्स-रैम्प्स के पांच घटक निम्नलिखित हैं: अनुसंधान एवं प्रसार – स्मार्ट वस्त्रों, स्थिरता, उत्पादन दक्षता आदि क्षेत्रों में लक्षित अनुसंधान को समर्थन प्रदान करना। आकलन […]

कपास पर आयात शुल्क और कम कीमत

सरकार को जानकारी है कि कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क की छूट देने ने घरेलू कीमतों में कमी आयी है। शुल्क में छूट मिलने बाद से, समतुल्य एस-6 कपास की अंतरराष्ट्रीय कीमतें जो दिनांक 19.08.2025 मेंलगभग 79.15 अमेरिकी सेंट प्रति पाउंड थी वह दिसंबर 2025 में गिरकर लगभग 73.95 अमेरिकी सेंट प्रति पाउंड हो गईं, जो […]

निफ्ट ने विभिन्न श्रेणियों में वर्ष 2026-27 बैच की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क घटाया

राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) ने फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के विभिन्न स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रमों के लिए वर्ष 2026-27 बैच के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फॉर्म भरने की आखिरी तिथि 6 जनवरी 2026 है (7 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक विलम्‍ब शुल्‍क के साथ) और परीक्षा की तिथि 8 फरवरी 2026 है। सीबीटी और पेन-पेपर आधारित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देश भर के 100 से अधिक शहरों में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2026-27 बैच के लिए, शुल्क 3,000 रुपये से घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है, जो ओपन, ओबीसी (एनसीएल) के लिए है और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दिया गया था।

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