ANN Hindi

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने दायित्वपूर्ण, नवाचार-अनुकूल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस शासन के लिए तकनीकी-वैधानिक विनियमन पर उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय – ओपीएसए ने मिशन-उन्मुख, गैर-लाभकारी, विचार कार्य समूह – आईएसपीआईआरटी फाउंडेशन और सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के सहयोग से 22 दिसंबर 2025 को दायित्वपूर्ण, नवाचार-संरेखित एआई शासन के लिए तकनीकी-वैधानिक विनियमन विषय पर एक उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया। भारत सरकार […]

पेसा महोत्सव

भारत में जनजातीय समुदाय की आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 प्रतिशत है। संविधान के अनुच्छेद 244 के तहत,भारत के राष्ट्रपति द्वारा अधिक जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया जाता है ताकि जनजातीय लोगों का अपने स्थानीय संसाधनों,अपने विकास और सामाजिक जीवन पर नियंत्रण हो सके। 1993 में, ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं या स्थानीय शासन निकायों की स्थापना के लिए भारत के संविधान में संशोधन (73वां संशोधन) किया गया। इस संशोधन ने स्थानीय स्तर की संस्थाओं को शक्ति प्रदान की जिससे ग्रामीणों को अपने विकास और समुदायों से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार मिला। हालांकि, 73वां संशोधन अधिनियम आदिवासी अनुसूचित क्षेत्रों पर अपने आप  लागू नहीं हुआ। 1996 में, पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा) लागू हुआ,जिसने अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों को स्वशासन के लिए समान शक्तियां प्रदान कीं। यह ऐतिहासिक कानून जनजातीय समुदायों के भूमि, जल, वन संसाधन, संस्कृति और शासन प्रणालियों पर उनके अधिकारों को बहाल करता है और उन्हें संरक्षण देता है। यह आदिवासी ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर जनजातीय समुदायों तक विकेंद्रीकृत लोकतंत्र का विस्तार करता है। पेसा अधिनियम जनजातीय समुदायों की अलग पारंपरिक शासन प्रणालियों और विशेष विकास संबंधी आवश्यकताओं को भी मान्यता देता है। जनजातीय अनुसूचित क्षेत्रों वाले दस राज्यों में से आठ ने अपने पेसा नियम बना लिए हैं, जबकि ओडिशा और झारखंड ने मसौदा नियम तैयार किए हैं। पेसा महोत्सव 2025, 23-24 दिसंबर, विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश   पंचायती राज मंत्रालय 23-24 दिसंबर 2025 को विशाखापत्तनम में पेसा महोत्सव का आयोजन करेगा, जो पेसा अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहा है। इस महोत्सव को एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें चक्की खेल, उप्पन्ना बारेलू, चोलो और पुली मेका, मल्लखंबा, पिठूल, गेडी दौड और सिकोर जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों को उनकी समृद्ध परंपराओं का जश्न मनाने, उन्हें संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। भारत में पंचायती राज — 73वां संवैधानिक संशोधन (1993)   73वें संवैधानिक संशोधन (1993) ने संविधान में भाग 9 और 11वीं अनुसूची को जोड़ा। संविधान का भाग 9 ग्राम और जिला स्तर पर स्थित संस्थाओं को शक्तियां प्रदान करता है जिन्हें पंचायत के नाम से भी जाना जाता है। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध हैं जिन पर इन स्थानीय संस्थाओं को निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। इस संशोधन ने अधिक विकेंद्रीकृत लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया। संविधान संशोधन के भाग 9 ने पंचायती राज संस्थाओं की त्रिस्तरीय ढांचा स्थापित किया – ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, मध्यवर्ती या ब्लॉक स्तर पर पंचायत समितियां (ग्रामों के समूह का प्रतिनिधित्व करने वाली) और जिला स्तर पर जिला परिषदें। इन तीनों निकायों के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं। इसके अलावा, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों के अध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। लेकिन ग्राम स्तर पर, पंचायत सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से हो सकता है। पंचायत के प्रत्येक स्तर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित होती हैं।   ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भी गांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्तियों से मिलकर बनी एक संस्था है। ग्राम सभाओं की शक्तियां और कार्य राज्य विधानमंडलों द्वारा तय कानून के माध्यम से निर्धारित किए जाते हैं। 1996 का पेसा अधिनियम पेसा अधिनियम पंचायती राज व्यवस्था या 73वें संवैधानिक संशोधन के प्रावधानों का आदिवासी बहुल पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार करता है। यह अधिनियम इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों को उनकी पारंपरिक शासन प्रणाली को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है। पेसा अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं ग्राम सभाओं की बढ़ी हुई शक्तियां पेसा अधिनियम का मूल आधार हैं, जो जनजातीय समुदायों को अपने ग्राम शासन व्यवस्था पर अधिक अधिकार प्रदान करती हैं। यद्यपि पंचायतों और ग्राम सभाओं के लिए संवैधानिक नियम हैं,फिर भी पेसा अधिनियम उन्हें निष्प्रभावी कर देता है,और राज्य विधानमंडल इन नियमों का उल्लंघन करने वाला कोई भी पंचायत कानून नहीं बना सकता है। अनुसूचित क्षेत्र और पेसा अधिनियम संविधान की पांचवीं अनुसूची सरकार को उन राज्यों में अनुसूचित क्षेत्र स्थापित करने का अधिकार देती है जहां अनुसूचित जनजातियां (एसटी) निवास करती हैं (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को छोड़कर)। […]

विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025

  प्रस्तावना ग्रामीण रोज़गार लगभग दो दशकों से भारत की सामाजिक सुरक्षा संरचना की आधारशिला रही है। 2005 में कार्यान्वित होने के बाद से, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ने मज़दूरी वाला रोजगार प्रदान करने, ग्रामीण आय को स्थिर करने और मूलभूत अवसंरचना निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, समय के साथ, ग्रामीण भारत की संरचना और लक्ष्य अत्‍यधिक बदल गए हैं। बढ़ती आय, बढ़ी हुई […]

संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, 2025

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 20 जुलाई, 2025 को आयोजित संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, 2025 की लिखित परीक्षा (भाग-I) और उसके बाद अक्टूबर से दिसंबर, 2025 तक आयोजित व्यक्तित्व परीक्षण (भाग-II) के परिणाम के आधार पर, दो श्रेणियों के अंतर्गत सेवाओं/पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों की निम्नलिखित सूचियाँ संलग्न हैं: श्रेणी-I केंद्रीय स्वास्थ्य […]

नीति आयोग ने ‘भारत में उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण’ पर रिपोर्ट जारी की

नीति आयोग ने आज ‘भारत में उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण: संभावनाएं, अवसर और नीतिगत संस्तुतियां’ शीर्षक से एक व्यापक नीति रिपोर्ट का विमोचन किया। इस रिपोर्ट को नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों—श्री सुमन बेरी, उपाध्यक्ष;डॉ. वी.के. पॉल, सदस्य (शिक्षा);डॉ. अरविंद विरमानी, सदस्य;तथा श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम, सीईओ—द्वारा जारी किया गया। रिपोर्ट विमोचन कार्यक्रम में उच्च शिक्षा […]

एसएआई शासी निकाय ने अनेक अवसंरचना विकास और उन्नयन परियोजनाओं को मंजूरी दी, केंद्रीय खेल मंत्री ने युवा खेल परिवेश को समर्थन देने के लिए एथलीट केंद्रित फैसलों पर जोर दिया

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के शासी निकाय (जीबी) की आज नई दिल्ली में हुई बैठक में देश भर में अनेक अवसंरचना विकास और उन्नयन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। डॉ मांडविया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय खेल परिवेश अब […]

सेल को संचार उत्कृष्टता के लिए पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया ने किया 8 राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

देश की सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आठ प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। ये पुरस्कार देहरादून में 13 से 15 दिसंबर, 2025 तक आयोजित 47वें ऑल इण्डिया पब्लिक रिलेशंस कॉफ्रेंस के दौरान प्रदान किए गए। ये सम्मान कॉर्पोरेट संचार के क्षेत्र में  सेल के अभिनव […]

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 23 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के आधार वर्ष संशोधन पर जारी-पूर्व परामर्श कार्यशाला आयोजित करेगा

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 23 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार वर्ष संशोधन पर दूसरी जारी-पूर्व परामर्श कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इससे पहले प्रथम जारी-पूर्व परामर्श कार्यशाला 26 नवंबर, 2026 को मुंबई में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला का मुख्‍य उद्देश्य जीडीपी, सीपीआई और […]

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर बातचीत की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री श्री क्रिस्टोफर लक्सन से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से ऐतिहासिक, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल समापन की घोषणा की। मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के दौरान वार्ता शुरू होने के […]

बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और इसी राज्‍य के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया : “बिहार के मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar, उपमुख्यमंत्री श्री @samrat4bjp और केंद्रीय मंत्री श्री @LalanSingh_1 ने आज प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।”

error: Content is protected !!