प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से निर्मित आईएनएसवी कौंडिन्य की प्रशंसा की, यह जहाज़ पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हुआ

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहे आईएनएसवी कौंडिन्य को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से किया गया है, जो भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा, “मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा: “यह देखकर बेहद खुशी हुई कि आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहा है। प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से निर्मित यह जहाज भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। मैं इस अद्वितीय जहाज को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई देता हूं। मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।” @INSVKaundinya
उपराष्ट्रपति जी ने पुदुचेरी में स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित करने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में एक नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित किया और स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एक आवासीय परियोजना का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने 216 नए बने घरों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी, और समावेशी व स्थायी शहरी विकास के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह नागरिक अभिनंदन समारोह पुदुचेरी के विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें पुदुचेरी नागरिक मंच के सदस्य, धार्मिक नेता, और अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, वाणिज्य और कारीगर संघों, बार काउंसिल और होटल संघों के प्रतिनिधि शामिल थे, और यह आयोजन उपराष्ट्रपति जी के पद संभालने के बाद पहली यात्रा के मौके पर किया गया था, इससे पहले वे पुदुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं। सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने अपने उपराज्यपाल के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल को याद किया और केंद्र शासित प्रदेश को अनूठी सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाली भूमि बताया। रोमन दुनिया के साथ भारत के समुद्री संबंधों को दर्शाने वाले अरिकामेडु के प्राचीन बंदरगाह का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि पुदुचेरी हमेशा एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर दुनिया के लिए खुला रहा है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने ऐतिहासिक कीझूर जनमत संग्रह का जिक्र किया, जहां भारी बहुमत ने पुदुचेरी के भारत में विलय के पक्ष में मतदान किया, जो लोगों की गहरी देशभक्ति और स्वतंत्रता की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। आवासीय परियोजना के जल्दी पूरा होने पर संतोष जताते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि घर केवल एक भौतिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का जरिया है। उपराज्यपाल के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस परियोजना पर करीब से नजर रखी थी। उपराष्ट्रपति जी ने कुमारगुरु पल्लम साइट पर सौंपे गए घरों का दौरा भी किया और लाभार्थियों से बातचीत की, जिन्होंने परियोजना को जल्दी पूरा करवाने के लिए उनका धन्यवाद किया। भारत सरकार की कल्याणकारी पहलों पर जोर देते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया, और कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली ने पारदर्शिता और सहायता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की है। उन्होंने “सभी के लिए आवास” के मिशन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुदुचेरी सरकार के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इसके बाद, भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में पेटिट सेमिनार सीबीएसई स्कूल के सीनियर सेकेंडरी ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने संस्थान की 181 साल पुरानी विरासत पर आधारित संपूर्ण शिक्षा और मूल्य-आधारित अध्यापन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की। शिक्षा को एकमात्र अविनाशी संपत्ति बताते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने छात्रों से ज्ञान को गहराई, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ हासिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 केवल इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र और सामाजिक जिम्मेदारी के मेल से बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बदलाव लाने वाले असर पर भी जोर दिया, जिसने भारत की शिक्षा प्रणाली को रटने की बजाय आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास की ओर मोड़ा है। बाद में, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में भारतीयार मेमोरियल में महाकवि सुब्रमण्यम भारतीयार की प्रतिमा का अनावरण किया, और उस महान कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने निडर शब्दों, क्रांतिकारी विचारों और तमिल व भारत के प्रति असीम प्रेम से एक राष्ट्र को जगाया। गहरी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि यह बड़े गर्व का विषय है कि उस धरती पर मूर्ति का अनावरण किया जा रहा है, जहां महाकवि सुब्रमण्य भारती ने लगभग एक दशक तक स्वतंत्र विचार और रचनात्मक प्रतिभा के साथ जीवन बिताया। उन्होंने कहा कि पुदुचेरी में भारतीयार के साल, जो गहरी दार्शनिक खोज और ज्ञान की तलाश से भरे थे, उन्हें आधुनिक तमिल साहित्य का सुनहरा दौर माना जाता है। इस कार्यक्रम में पुदुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी, जन प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति ने पुदुचेरी विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया, स्नातकों को ‘विकसित भारत @2047’ का शिल्पकार बताया

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज पुदुचेरी विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और स्नातक विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को ‘विकसित भारत @2047’ का शिल्पकार बताते हुए देश के भविष्य को गढ़ने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया। स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने […]
उपराष्ट्रपति त्रिवेंद्रम फेस्ट 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए; इसे विचारों, संस्कृति और सामुदायिक भावना का उत्सव करार दिया

त्रिवेंद्रम फेस्ट भारत की समावेशी सामाजिक संरचना और सभ्यतागत मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है: उपराष्ट्रपति केरल सह-अस्तित्व, मजबूत सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना के लिए जाना जाता है: उपराष्ट्रपति प्रविष्टि तिथि: 29 DEC 2025 10:02PM by PIB Delhi उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज तिरुवनंतपुरम में आयोजित त्रिवेंद्रम फेस्ट 2025 में भाग लिया। क्रिसमस-न्यू […]
राष्ट्रपति ने जमशेदपुर में आयोजित 22वें पारसी महा और ओल चिकी शताब्दी समारोह में भाग लिया

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (29 दिसंबर, 2025) झारखंड के जमशेदपुर में आयोजित 22वें पारसी महा और ओल चिकी के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में भाग लिया और उसे संबोधित किया। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि संथाल समुदाय की अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति है। हालांकि, एक शताब्दी पूर्व […]
भारत के राष्ट्रपति की एनआईटी जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह में गरिमामय उपस्थिति

शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा और उपाधियाँ प्रदान करने वाले केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र के प्रमुख अनुसंधान केंद्र और ‘बौद्धिक प्रयोगशालाएँ’ भी हैं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रविष्टि तिथि: 29 DEC 2025 6:35PM by PIB Delhi भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (29 दिसंबर, 2025) झारखंड के जमशेदपुर में एनआईटी जमशेदपुर के […]
एआई के साथ बदलता भारत

मुख्य अंश इंडियाएआई मिशन के लिए पांच वर्षों के दौरान ₹10,300+ करोड़ आवंटित, 38,000 जीपीयू तैनात। प्रौद्योगिकी और एआई इकोसिस्टम में 60 लाख लोग काम कर रहे हैं। इस वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में राजस्व के $280 बिलियन का आंकड़ा पार कर जाने का अनुमान है। वर्ष 2035 तक एआई भारत की अर्थव्यवस्था में $1.7 ट्रिलियन जोड़ सकता है। भूमिका भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा संचालित […]
भारत में निर्मित (मेड-इन-इंडिया) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच 4.0 का गुजरात के बाजवा (वडोदरा) – अहमदाबाद सेक्शन में शुभारंभ

कवच के विस्तार की कड़ी में, अब गुजरात के पहले बाजवा (वडोदरा)-अहमदाबाद सेक्शन (96 किमी) में कवच 4.0 को सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के दायरे में 17 स्टेशन आते हैं और इसमें सुरक्षा का एक मजबूत ढांचा तैयार किया गया है, जिसमें 23 टावर, 20 कवच भवन/हट, 192 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल और 2,872 आरएफआईडी […]
प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेशी राष्ट्रीय परिषद (बीएनपी) अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया। श्री मोदी ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा : “ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। […]
प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शक्ति, न्याय और एकता को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषितम को साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज ही के दिन 30 दिसंबर, 1943 के ऐतिहासिक अवसर पर नेताजी ने अद्वितीय साहस और वीरता के साथ पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास का यह क्षण राष्ट्र को याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल आकांक्षा […]