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भारत ने जलवायु प्रतिबद्धता को बढ़ाने के लिए पेरिस समझौते की संरचना और संवाद-आधारित दृष्टिकोण के प्रति निष्ठा पर बल दिया

ब्रासीलिया में प्री-सीओपी30 बैठकों में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सुव्यवस्थित और संतुलित भावी वैश्विक मूल्यांकन प्रक्रिया का आह्वान किया

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 13 अक्टूबर को ब्रासीलिया में प्री-सीओपी30 बैठकों के दौरान ग्लोबल स्टॉक टेक (जीएसटी) ब्रेकआउट सत्र को संबोधित करते हुए प्रथम जीएसटी के सफल समापन को स्वीकार करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पुष्टि का प्रतिनिधित्व करता है कि पेरिस समझौते को निष्ठापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है।

जीएसटी पेरिस समझौते के लक्ष्यों की दिशा में दुनिया की सामूहिक प्रगति का मूल्यांकन करने की एक पंचवर्षीय प्रक्रिया है। श्री यादव ने कहा कि जीएसटी को तीन आवश्यक भूमिकाओं- पक्षों को सामूहिक प्रगति का मूल्यांकन करने, शेष कमियों की पहचान करने और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर उन्नत कार्रवाइयों का मार्गदर्शन करने में सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को निभाते हुए महत्वाकांक्षाओं को मज़बूत बनाने के लिए तैयार किया गया है।

श्री यादव ने कहा कि इस प्रकार से जीएसटी समझौते की प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य करता है, राजनीतिक गति को बढ़ावा देता है और उच्च महत्वाकांक्षाओं की दिशा में गतिशील प्रयासों को बनाए रखता है। संवाद में इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने से जीएसटी के परिणामों से प्रेरित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और घरेलू जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

भविष्य के जीएसटी के लिए, श्री यादव ने प्रस्ताव दिया कि वैज्ञानिक आकलनों को उनकी वैश्विक प्रासंगिकता पर उचित चर्चा किए बिना शामिल करने में किसी तरह की शीघ्रता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को सभी प्रासंगिक स्रोतों से उचित विचार-विमर्श के साथ कठोरता, सटीकता और सुदृढ़ता का पालन करना चाहिए।

श्री यादव ने कहा कि अब हमें महत्वाकांक्षी जलवायु उपायों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा और इन सबसे अधिक- विकासशील देशों के पास अनुकूलन और शमन के लिए संसाधनों की तत्काल कमी जैसी सबसे बड़ी चुनौती का समाधान करना होगा। उन्होंने बल देते हुए कहा कि बिना कार्रवाई के निरंतर समीक्षा करने का समय अब बीत चुका है। उन्होंने कहा कि संवाद आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई भी ज़रूरी है।

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