मादक द्रव्य सेवन विकार एक ऐसा मुद्दा है जो देश के सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। किसी भी मादक द्रव्य पर निर्भरता न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी अस्त-व्यस्त कर देती है। विभिन्न मनो-सक्रिय पदार्थों के नियमित सेवन से व्यक्ति में निर्भरता पैदा होती है। कुछ मादक द्रव्यों के यौगिक तंत्रिका-मनोरोग संबंधी विकारों, हृदय रोगों, दुर्घटनाओं, आत्महत्याओं और हिंसा का कारण बन सकते हैं। इसलिए, मादक द्रव्यों के सेवन और निर्भरता को एक मनो-सामाजिक-चिकित्सीय समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश में नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए नोडल मंत्रालय है, जो नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम, समस्या की सीमा का आकलन, निवारक कार्रवाई, उपयोगकर्ताओं के उपचार और पुनर्वास तथा सूचना के प्रसार के सभी पहलुओं का समन्वय और निगरानी करता है।
इस मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) शुरू किया है और वर्तमान में यह देश के सभी जिलों में संचालित है, जिसका उद्देश्य युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना है, जिसमें उच्च शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालय परिसरों, स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और समुदाय तक पहुंच बनाई जा रही है तथा अभियान में समुदाय की भागीदारी और स्वामित्व को बढ़ाया जा रहा है।
एनएमबीए की उपलब्धियां:
- अब तक, जमीनी स्तर पर की गई विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 23.06+ करोड़ लोगों को मादक द्रव्यों के सेवन के बारे में जागरूक किया गया है, जिनमें 7.73+ करोड़ युवा और 5.18+ करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
- 16.92+ लाख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया है कि अभियान का संदेश देश के बच्चों और युवाओं तक पहुंचे।
- विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर 5.70 लाख से अधिक मादक पदार्थ उपयोगकर्ता इस अभियान का हिस्सा बन गए हैं।
- 20,000 से अधिक मास्टर स्वयंसेवकों (एमवी) की एक मजबूत टीम की पहचान की गई है और उन्हें प्रशिक्षित किया गया है।
- नशामुक्ति केंद्रों की संख्या 490 (2020-21) से बढ़कर 780+ (2025-2026) हो गई, जिसमें सरकारी अस्पतालों में 154 नशामुक्ति उपचार सुविधाएं शामिल हैं।
- नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- यूएनडीपी द्वारा किए गए प्रभाव आकलन से पता चला है कि 2020 में अभियान के शुभारंभ के बाद से, 64% उत्तरदाताओं को इसके बारे में पता था, 76% ने बताया कि उन्हें अभियान की आवश्यकता महसूस हुई, 23% ने कार्यक्रमों और गतिविधियों में भाग लेने की सूचना दी, और 50% लोगों को इसके माध्यम से सुलभ नशामुक्ति केंद्रों के बारे में पता चला।
- एनएमबीए मोबाइल एप्लीकेशन एनएमबीए गतिविधियों के आंकड़ों को एकत्रित करने और जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एनएमबीए डैशबोर्ड पर प्रदर्शित करने के लिए विकसित किया गया है।
- एनएमबीए पोर्टल (www.nmba.dojse.gov.in) इन प्रयासों का एक केंद्रीय स्तंभ है, जो मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी, सहायता और सहभागिता प्रदान करने वाले एक व्यापक मंच के रूप में कार्य करता है। इस पोर्टल की एक प्रमुख विशेषता देश भर के जियो-टैग्ड नशामुक्ति केंद्रों की सूची की उपलब्धता है। यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि ज़रूरतमंद लोग सहायता और समर्थन के लिए आसानी से निकटतम सुविधा तक पहुँच सकें।
- नशा मुक्ति के लिए आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन शपथ में 99,595 शैक्षणिक संस्थानों के 1.67+ करोड़ विद्यार्थियों ने नशा मुक्त होने की शपथ ली।
- एनएमबीए को समर्थन देने और जन जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्माकुमारीज, संत निरंकारी मिशन, अखिल विश्व गायत्री परिवार, इस्कॉन और श्री राम चंद्र मिशन जैसे छह आध्यात्मिक/सामाजिक सेवा संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं और अब तक 3.37 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है।
- नशामुक्ति के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन, 14446, स्थापित की गई है ताकि इस हेल्पलाइन के माध्यम से मदद चाहने वाले व्यक्तियों को प्राथमिक परामर्श और तत्काल रेफरल सेवाएँ प्रदान की जा सकें। इस हेल्पलाइन नंबर पर अब तक 4.30 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हो चुकी हैं।
- ओलंपिक पदक विजेता रवि कुमार दहिया, सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे, संदीप सिंह, सविता पूनिया और अमन सहरावत जैसे खिलाड़ियों ने एनएमबीए के समर्थन में संदेश साझा किए हैं।
- ‘नशे से आज़ादी – राष्ट्रीय युवा एवं छात्र संवाद कार्यक्रम’, ‘नया भारत, नशा मुक्त भारत’, ‘एनसीसी कैडेट अधिकारियों के साथ एनएमबीए संवाद’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 700 अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। देश भर से लगभग 40,000 कैडेट ऑनलाइन उपस्थित रहे।
- सीमा सुरक्षा बलों को विशेष मॉड्यूल के साथ प्रशिक्षण देकर तथा इन क्षेत्रों में नशामुक्ति केन्द्रों की स्थापना करके सीमावर्ती क्षेत्रों में एनएमबीए का कार्यान्वयन।
- 12 अगस्त, 2024 को एनएमबीए पर एक सामूहिक प्रतिज्ञा/शपथ आयोजित की गई और 2+ लाख संस्थानों के लगभग 3+ करोड़ लोगों ने राष्ट्रव्यापी प्रतिज्ञा में भाग लिया।
- नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की पाँचवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दिल्ली सरकार के सहयोग से 13 अगस्त 2025 को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिल्ली के 1,000 से ज़्यादा छात्रों ने व्यक्तिगत रूप से इसमें भाग लिया, और देश भर से लाखों छात्रों ने इस शपथ में भाग लिया।
- 1 अगस्त 2025 से एनएमबीए के 5वें वर्ष के उत्सव के लिए राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिकों को संगठित करने के इरादे से, व्यापक जागरूकता पैदा करने और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए देश भर में प्रतिस्पर्धी आउटरीच और भागीदारी गतिविधियों की एक श्रृंखला शुरू की गई।
- 08 नवंबर, 2025 तक 1,12,202 युवाओं और छात्रों ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया है, जो नशा मुक्त भारत को बढ़ावा देने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह को दर्शाता है।
- सहभागी अभियान के तहत, देश भर में कुल 97,336 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे कुल 2.42 करोड़ (1.43 करोड़ पुरुष और 1 करोड़ महिलाएँ) लोगों तक पहुँच बनाई गई। इनमें स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक स्थलों पर नारा लेखन, रंगोली बनाने की प्रतियोगिताएँ, चित्रकला प्रतियोगिताएँ, प्रतिज्ञा समारोह, रैलियाँ और मैराथन दौड़ शामिल हैं।
- इस अभियान में 16 लाख ई-प्रतिज्ञाएं और 1 करोड़ से अधिक ऑफलाइन प्रतिज्ञाएं दर्ज की गईं, जो मजबूत सार्वजनिक भागीदारी को दर्शाती हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) को उत्साहपूर्वक अपनाया गया है और सभी राज्यों में जागरूकता फैलाने के लिए अनेक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। नशा मुक्त भारत अभियान के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समापन समारोह 18 नवंबर, 2025 को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पंजाब के माननीय राज्यपाल और माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 7000 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभियान की उपलब्धियों को उजागर करना, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करना है। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नशे के विरुद्ध ऑनलाइन और ऑफलाइन शपथ, स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्रतियोगिताएँ और एक जनसभा सहित कई गतिविधियाँ शामिल होंगी।
ऐसे आयोजनों का प्रचार और उत्सव मनाकर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, मूल्य-आधारित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।









