गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 5.0 का सफलतापूर्वक संचालन किया है। स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकार में लंबित मामलों को न्यूनतम करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, इसका उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, कार्य को सुव्यवस्थित करना, मंत्रालय और उसके अधीन संगठनों में लंबित शिकायतों का समाधान करना था।
केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, जनता से सीधे संपर्क रखने वाले क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रारंभ में स्वच्छता अभियान के लिए 4,187 स्थलों की पहचान की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 7,678 कर दिया गया। संसद सदस्यों (एमपी) से 119 संदर्भ, राज्य सरकारों से 199 संदर्भ, 3,977 सार्वजनिक शिकायतें और 718 अपीलों का समाधान किया गया।
महीने भर चले विशेष अभियान के दौरान, 194,522 भौतिक फाइलों और 65,997 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा की गई। 95,186 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई। कबाड़ निपटान से ₹3.45 करोड़ से अधिक की आय हुई। जागरूकता और मंत्रालय की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक सोशल मीडिया अभियान भी चलाया गया।
इस अभियान की उच्चतम स्तर पर कड़ी निगरानी की गई और गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने इसके क्रियान्वयन और प्रगति समीक्षा में सक्रिय रूप से भाग लिया। गृह मंत्रालय के सभी प्रभागों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और संबद्ध संगठनों ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा होस्ट किए गए SCPDM पोर्टल पर दैनिक प्रगति अपडेट अपलोड किए गए।
यह अभियान 15 सितम्बर 2025 से प्रारंभिक चरण के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक कार्यान्वयन चरण चलेगा, जो पूरे देश में मंत्रालय और उसके संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में चलाया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 की गति को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें कुशल सेवा वितरण, जवाबदेही और सकारात्मक कार्य संस्कृति पर ज़ोर दिया गया। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान में एक अनूठा आयाम जोड़ा, जो अभियान की सफलता के प्रति मंत्रालय के समर्पण को दर्शाता है।
इस पहल के परिणामस्वरूप न केवल कार्यस्थल अधिक स्वच्छ और अधिक संगठित हुए हैं, बल्कि मंत्रालय और इसके क्षेत्रीय कार्यालयों में जिम्मेदारी, पारदर्शिता और प्रभावी सेवा वितरण की संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है।









