किसान – वन्क्कम!
प्रधानमंत्री- नमस्कार . ये सभी शॉपिंग फॉर्मिंग वाले हैं?
किसान – हाँ सर।
किसान – यह सौर सूखे केले है..
प्रधानमंत्री – जो केले की किताब के बाद….
किसान – हाँ सर।
प्रधानमंत्री- ये जो वेस्ट है उसका, उसका क्या करना है ?
किसान – ये सब केले के मूल्यवर्धित उत्पाद हैं और ये waste है… सर, ये केले के waste से है, ये केले के मूल्यवर्धन से है सर।
प्रधानमंत्री – और हिंदुस्तान में हर जगह पे ऑनलाइन जाता है आपका माल?
किसान – हाँ सर।
किसान – ये एक्चुअली पूरा तमिल को हम लोग यहां प्रेजेंट कर रहे हैं सर, पूरा फॉर्मर इंस्टिट्यूट कंपनी का और इंडिविजुअल मतलब, वो भी इसके साथ आता है सर।
प्रधानमंत्री – अच्छा।
किसान – वो सब हम लोग का मतलब ऑनलाइन भी बेचते हैं, एक्सपोर्ट भी करते हैं, और इंडिया का लोकल मार्केट में भी सेल करते हैं, सुपर मार्केट मार्केट में भी सेल करते हैं सर।
प्रधानमंत्री – कितने लोग एक साथ एक-एक एफ.सी. में काम करते हैं?
किसान – हजार.
प्रधानमंत्री – एक हजार.
किसान – हाँ जी।
प्रधानमंत्री- ओह . और पूरे इलाके में केले बनाते हैं कि मिक्स बनाते हैं, अलग-अलग चीजें?
किसान- अलग -अलग क्षेत्र में अलग-अलग एक्सक्लूसिव होता है सर, अभी भी जीआई उत्पाद हम लोगों के पास हैं।
प्रधानमंत्री- अच्छा , ये भी है.
किसान – चाय की चार किस्में होती हैं। काली चाय तो सब जानते ही हैं। और, यह उसी में से है (स्पष्ट नहीं)। हम इसे सफ़ेद चाय कहते हैं। और, यह ऊलोंग है। 40% किण्वित चाय ऊलोंग चाय और हरी चाय होती है।
प्रधानमंत्री – देखें तो वाइट टी का बहुत मार्केट है।
किसान – हां, हां सर।
किसान – बैंगन ऑल इन सेक्विन फार्मिंग।
प्रधानमंत्री – इस मौसम में आम उपलब्ध हैं….?
किसान – हां , आम, हां सर…
किसान – बेमौसमी आम….
प्रधानमंत्री – आईएमएस मार्केट बहुत है?
किसान – मोरिंगा,
प्रधानमंत्री – मोरिंगा।
किसान – हाँ सर।
प्रधानमंत्री- मोरिंगा के पत्ते क्या हैं?
किसान – मोरिंगा लीव्स पाउडर का एक्सपोर्ट भी करें सर।
प्रधानमंत्री – पाउडर बहुत सारे….
किसान – किसान है।
प्रधानमंत्री- बहुत बिकाऊ है ।
किसान – हाँ सर।
प्रधानमंत्री – मेनली किन भाईयों में लेते हैं?
किसान – अमेरिका, अफ़्रीकी गणराज्य और जापान प्रमुख है, एक दक्षिण पूर्व एशिया से अच्छा होता है….
किसान – एक्चुअली ये पूरा जीआई उत्पाद हैं, तमिलनाडु से अभी 25 जीआई उत्पाद यहां रखे गए हैं। कुंभकोणम का टेल बी, और मदुरै की मल्ली और ये एक मदुरै का है सर, और ऐसा मतलब पूरा यहां सब मतलब….
प्रधानमंत्री – बाज़ार कहाँ है?
किसान – ये पूरे भारत में है सर, और तमिल हर फंक्शन में इसका इस्तेमाल करते हैं…
प्रधानमंत्री- मेरा काशी वाला क्या नहीं ले जाता? बनारसी पान खाता है।
किसान – हाँ जी सर।
किसान – ये पलानी बटियाँ….
प्रधानमंत्री – उत्पादन की मात्रा कितनी है?
किसान – कम, 100 विज्ञापन उत्पाद है सर, हम लोग, हम लोगों की तरफ से अभी हनी से….
प्रधानमंत्री – बाज़ार?
किसान- बहुत ज्यादा है सर , डिजाईन भी बहुत ज्यादा है, वो पूरी दुनिया का हम लोगों का बाजार है सर हनी से।
किसान – हमारे पास पारंपरिक किस्म में ही लगभग हजार से अधिक धान की किस्में हैं… बाजरे के बराबर, आप जानते हैं कि मूल्य कैसा है सर…
प्रधानमंत्री – धान में तो तेल जो करता था,
किसान – हाँ जी सर।
प्रधानमंत्री- अभी तक दुनिया वो नहीं कर पायी है ।
किसान- सही है सर .
प्रधानमंत्री – हाँ।
किसान – सरपोर्ट धानी और चावल और लिक वर्ड एडेड सब का मतलब है हम लोग का एक्सपोर्ट करते हैं, वो पूरा यहां पर चित्रित किया गया है सर अभी।
प्रधानमंत्री – किसान जो युवा पीढ़ी है, वो प्रशिक्षण के लिए आते हैं?
किसान – हाँ सर। अभी बहुत ज्यादा है।
प्रधानमंत्री – प्रश्नोत्तरी होगी, उनके समझ में नहीं आएगा कि ऐसा चित्र बनाया हुआ आदमी है, ये क्या कर रहा है, और इसमें बेनिट्सटेरे दिखेंगे, तो क्या समझाते हैं आप?
किसान – पहले पागल जैसे दिखते थे, और अभी जो एक महीने में 2 लाख का निवेश करता है, उसमें सबसे ज्यादा हिस्सा उन्हें मिलता है। इसलिए लोग बहुत से लोग एक स्पाइरा इंप्रेशन मानते हैं।
प्रधानमंत्री- तो अब सब डॉक्टर आ जाएं।
किसान – हमने अपने फार्म में 7,000 किसानों को प्रशिक्षित किया है। यह प्राकृतिक कृषि योजना (TNAU) द्वारा मान्यता प्राप्त एक आदर्श फार्म है…और कॉलेज के 3,000 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है।
प्रधानमंत्री – एक बाज़ार मिल क्या है आपको?
किसान – हम सीधे मार्केटिंग करते हैं, देशों को निर्यात करते हैं। फिर उत्पाद में मूल्यवर्धन करते हैं। तेल, हेयर ऑयल, खोपरा, साबुन।
प्रधानमंत्री – आपका हेयर ऑयल कौन खरीदेगा?
प्रधानमंत्री – और मैं जब गुजरात में था, तब मैंने कैटल डोमेस्टिक का एक कांसेप्ट विकसित किया था।
किसान – हां।
प्रधानमंत्री – गांव के सारे कैटल में अभिनय भाई।
किसान – हां।
प्रधानमंत्री – तो गांव में भी साफ रहता है, और एक डॉक्टर चाहिए, चार-पांच व्यवस्था करनी चाहिए, बहुत ही अच्छा मेंटेन होता है।
किसान – ये सब जो हैं ना, ये मास पैदा करके आजू-बाजू के जो किसान हैं, उन्हें देते हैं…
प्रधानमंत्री- किसानों को देते हैं।









