ANN Hindi

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें वर्तमान में जीने के ज्ञान पर जोर दिया गया है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया-

“गते शोको न कर्तव्यो भविष्यं नैव चिन्तयेत्।
वर्तमानेन कालेन वर्तयन्ति विचक्षणाः।”

मतलब, किसी को अतीत पर शोक नहीं करना चाहिए और न ही भविष्य के बारे में चिंता करनी चाहिए। बुद्धिमान व्यक्ति केवल वर्तमान में ही कार्य करते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गते शोको न कर्तव्यो भविष्यं नैव चिन्तयेत्।
वर्तमानेन कालेन वर्तयन्ति विचक्षणाः।”

Share News Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!