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कोपेनहेगन, 18 सितंबर (रॉयटर्स) – INEOS ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय संघ का पहला पूर्ण पैमाने पर कार्बन डाइऑक्साइड भंडारण संयंत्र शुक्रवार से परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है।
- ब्रिटिश कंपनी की ग्रीनसैंड परियोजना डेनमार्क के उत्तरी सागर के नीचे उत्सर्जन को दफन कर देगी।
- कंपनी ने कहा कि ग्रीनसैंड इस पहले चरण में प्रति वर्ष 400,000 टन तक CO2 का भंडारण कर सकता है और पूरी क्षमता तक पहुंचने पर इसे प्रति वर्ष 4 मिलियन से 8 मिलियन टन तक बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- डेनमार्क के बायोमीथेन संयंत्रों से निकलने वाली CO2 को द्रवीकृत किया जाएगा, ट्रकों द्वारा एस्बजर्ग बंदरगाह तक ले जाया जाएगा और वहां से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित समाप्त हो चुके निनी वेस्ट तेल क्षेत्र में भेजा जाएगा, जहां इसे समुद्र तल से लगभग 1,800 मीटर नीचे इंजेक्ट किया जाएगा।
- यूरोपीय ऊर्जा एवं आवास आयुक्त डैन जोर्गेनसेन ने बयान में कहा, “हमने यूरोपीय उद्योगों के लिए एक मार्ग प्रशस्त किया है: कम कार्बन उत्सर्जन वाले भविष्य की ओर अपना संक्रमण जारी रखना, साथ ही हमारे महाद्वीप में उत्पादन, निवेश और रोजगार को बनाए रखना। और हम जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अस्तित्वगत लड़ाई में एक नया मोर्चा खोलते हैं।”
- नॉर्वे की उत्तरी रोशनी ने अगस्त 2025 में CO2 का भंडारण शुरू कर दिया था, लेकिन नॉर्वे यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है।
स्टाइन जैकबसेन द्वारा रिपोर्टिंग, टेर्जे सोल्सविक द्वारा संपादन I
