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Thursday, October 1, 2026
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प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा अनुसंधान विकास एवं नवाचार (आरडीआई) योजना के तहत प्रस्ताव आमंत्रण बंद करने के संबंध में स्पष्टीकरण।

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कल (30 सितंबर
) प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है जिसमें टीडीबी द्वारा आरडीआई कॉल को बंद करने का कारण निधि की कमी बताया गया है, जो कि सही नहीं है। यह स्पष्ट किया जाता है कि टीडीबी ने अपनी वेबसाइट पर सूचित किए गए अनुसार, केवल “प्रशासनिक कारणों” से अपनी चालू कॉल (जो 4 फरवरी, 2026 से खुली थी) को बंद कर दिया है। ईटीई को वितरण के लिए निधि की कोई कमी नहीं है । टीडीबी ने अपने अनुमान के आधार पर 6 महीने की अवधि के लिए ईटीई को वितरण हेतु 500 करोड़ रुपये मांगे थे। आरडीआईएफ द्वारा टीडीबी को 490 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 30 सितंबर (वित्तीय वर्ष 2026-27 की 6 महीने की अवधि) तक , टीडीबी ने अपने पहले समूह के 22 ईटीई में से 10 ईटीई को 375.69 करोड़ रुपये वितरित किए हैं । टीडीबी के पास अभी भी 114.31 करोड़ रुपये शेष हैं। जिसका वितरण अभी बाकी है। गौरतलब है कि आरडीआई योजना के तहत, टीडीबी केवल संबंधित ईटीई द्वारा गैर-सरकारी स्रोतों से जुटाई गई मिलान राशि ही जारी करता है। टीडीबी द्वारा ईटीई को वास्तविक वितरण मिलान राशि जुटाने में लगने वाले समय तक ही सीमित है, जिसके बाद वे आरडीआई निधि जारी करने के लिए टीडीबी को मांग नोटिस भेजते हैं।       

इस प्रस्ताव को बंद करने का मुख्य कारण पूरी तरह से प्रशासनिक है, क्योंकि ETEs की ओर से अभूतपूर्व रुचि दिखाई गई है। इसके चलते TDB को 4 फरवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच लगभग 330 परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब तक , TDB ने फरवरी और मार्च 2026 के दौरान प्राप्त 99 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है और पहले चरण (22) और दूसरे चरण (13) के लिए 35 परियोजनाओं को वित्तपोषण हेतु चयनित किया है। अप्रैल और मई 2026 में प्राप्त परियोजनाओं का मूल्यांकन वर्तमान में TDB द्वारा किया जा रहा है। निवेश समिति (IC) और TDB अथक प्रयास कर रहे हैं और प्रारंभिक स्क्रीनिंग और परियोजनाओं की शॉर्टलिस्टिंग के लिए कई समूह स्तरीय बैठकें आयोजित कर रहे हैं, ताकि पूर्ण IC द्वारा आगे के मूल्यांकन के लिए परियोजनाओं को चुना जा सके। पूर्ण IC की बैठक लगभग हर सप्ताह होती है। इतनी सशक्त प्रतिक्रिया प्राप्त करना और यह देखना उत्साहजनक है कि भारत में गहन विज्ञान को व्यावहारिक रूप देने के लिए रचनात्मक लोगों और विचारों का एक विशाल भंडार है।

टीडीबी द्वारा अपनाई जाने वाली कठोर तकनीकी-व्यावसायिक मूल्यांकन प्रक्रिया को देखते हुए, इतने प्रयासों के बावजूद भी, टीडीबी पहले 7 महीनों (मार्च से सितंबर) के दौरान केवल लगभग 150 परियोजनाओं (वर्तमान में मूल्यांकनधीन परियोजनाओं सहित) का ही मूल्यांकन कर सका। यही कारण है कि टीडीबी ने फिलहाल “विराम” लेने का निर्णय लिया है और अपनी आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया है। 30 सितंबर 2026   तक प्राप्त सभी परियोजनाओं के मूल्यांकन के बाद इसे जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा ।

डीएसटी/एएनआरएफ निकट भविष्य में कई अन्य एसएलएफएम नियुक्त करने की प्रक्रिया में है।   

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