पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और बहु-हितधारक आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए मंच
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव, जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा मंत्री महामहिम कार्सटेन श्नाइडर के साथ, 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ‘अधिक लचीलेपन के लिए एक साथ’ विषय पर आयोजित चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण मंच की सह-अध्यक्षता करेंगे।
भारत-जर्मन पर्यावरण मंच भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण नीति पर सर्वोच्च स्तरीय द्विपक्षीय मंच है और इसका आयोजन 2008 से किया जा रहा है। इसका आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा मंत्रालय (BMUKN) द्वारा जर्मन व्यापार की एशिया-प्रशांत समिति (APA) और भारतीय उद्योग संघों के सहयोग से संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
श्री यादव और महामहिम श्नाइडर द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने, अनुभवों का आदान-प्रदान करने और व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पर्यावरण संरक्षण और जलवायु नीति से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विषयगत सत्रों के माध्यम से, फोरम निम्न-कार्बन उद्योगों; आर्द्रभूमि, पर्वतों और वनों में जैव विविधता; संसाधन दक्षता और व्यावसायिक मॉडल के रूप में चक्रीय अर्थव्यवस्था; और सतत वित्त, हरित कौशल और निवेश जुटाने के क्षेत्रों में चुनौतियों, समाधानों और अवसरों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
यह मंच दोनों देशों के बीच पर्यावरण और जलवायु सहयोग पर नीति निर्माताओं, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, विचारकों और अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस मंच में मंत्रालयों, व्यवसायों, विशेषज्ञ समूहों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
फोरम से पहले, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और चक्रीय अर्थव्यवस्था पर गठित तीन संयुक्त कार्य समूहों ने इस वर्ष बैठक की। संबंधित कार्य समूहों ने अब तक हुई प्रगति और आपसी हित के क्षेत्रों पर चर्चा की।
भारत और जर्मनी के बीच मजबूत और बढ़ते आर्थिक और औद्योगिक संबंधों और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों और हरित अर्थव्यवस्था में गहन सहयोग की संभावनाओं के संदर्भ में इस मंच का महत्व बढ़ जाता है।









