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Friday, September 25, 2026
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राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 11वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई।

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बोर्ड ने व्यापारी कल्याण, व्यापार करने में सुगमता, डिजिटल सशक्तिकरण और निर्यात प्रोत्साहन के उपायों की समीक्षा की

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) की 11वीं बैठक नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। बोर्ड ने व्यापारी कल्याण, व्यापार करने में सुगमता, डिजिटल सशक्तिकरण, वित्त तक पहुंच, केंद्र-राज्य समन्वय और निर्यात प्रोत्साहन से संबंधित कई उपायों की समीक्षा की। विचार-विमर्श में जीएसटी, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), व्यापारियों की शिकायत निवारण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, निर्माताओं, निर्यातकों और सेवा प्रदाताओं के लिए संस्थागत समर्थन को मजबूत करने से संबंधित मुद्दों को भी शामिल किया गया।

विचार-विमर्श के दौरान, सदस्यों ने जीएसटी से संबंधित मामलों पर चर्चा की, जिनमें युक्तिकरण, धन वापसी में देरी, लंबी लेखापरीक्षा प्रक्रियाएं, माफी योजनाएं, आयकर कर संबंधी विसंगतियां और लंबित अपीलों का समाधान शामिल थे। लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और वित्त संबंधी चर्चाओं में एमएसएमई सुविधा समितियों में व्यापारियों को शामिल करना, 30 दिनों की समयसीमा के साथ एक केंद्रीकृत ऋण पोर्टल का प्रस्ताव, सीआईबीएल स्कोर तंत्र में सुधार और व्यापारियों की शिकायत निवारण हेल्पलाइन की स्थापना जैसे विषय शामिल थे।

सदस्यों ने व्यापारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें सरकारी ठेकेदारों को समय पर भुगतान, तकनीकी दंड से सुरक्षा उपाय, मंदी के दौर में ऋण चुकौती में छूट और केंद्र-राज्य समन्वय में सुधार शामिल हैं। डिजिटल सशक्तिकरण के संबंध में, बोर्ड ने ओएनडीसी और डिजीदुकान का जिला स्तर तक विस्तार, नीति आयोग के तहत महिला उद्यमिता सुविधा डेस्क, शिकायत निवारण के लिए पीओएसएच प्रकोष्ठ और साइबर धोखाधड़ी निवारण तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

व्यापारियों और लघु एवं मध्यम उद्यमों की निर्यात में भागीदारी बढ़ाने, निर्यात के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, संस्थागत सहायता तंत्र को मजबूत करने और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी व्यापारिक राष्ट्र के रूप में उभरने को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बोर्ड ने क्षेत्र-विशिष्ट मुद्दों की जांच करने और नीतिगत हस्तक्षेप के लिए संरचित सिफारिशें प्रदान करने हेतु विषयगत समितियों और केंद्रित कार्य समूहों की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

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बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापार बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) के अध्यक्ष श्री सुनील जे. सिंघी ने की। उन्होंने बोर्ड को अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों से अवगत कराया। श्री सिंघी ने जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारों के माध्यम से व्यापारी कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, जिसके तहत 40,000 अनुपालनों को सुव्यवस्थित किया गया है, साथ ही व्यापार सुगमता बढ़ाने के उपायों और मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्डों की स्थापना की गई है। गोवा और तेलंगाना से प्राप्त लिखित पुष्टियों के साथ-साथ जिला सुविधा केंद्रों पर हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई।

श्री सिंघी ने लगातार आयोजित 100 वर्चुअल सम्मेलनों की सफलता पर प्रकाश डाला, जिनसे केंद्र और राज्य के बीच सहयोग मजबूत हुआ है। उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा 29 जून को भामाशाह जयंती को राष्ट्रीय व्यापारी दिवस के रूप में मनाने, देहरादून और इंदौर में व्यापारी संवाद आयोजित करने और चंडीगढ़ और इंदौर में तिरंगा यात्रा गतिविधियों सहित कई पहलों और अभियानों का भी उल्लेख किया।

अध्यक्ष ने सदस्यों को अगली पीढ़ी के जीएसटी 2.0 सुधारों, ओएनडीसी एकीकरण और डिजीदुकान के विस्तार से संबंधित घटनाक्रमों से भी अवगत कराया। ओएनडीसी की बी2बी खरीद और किराना डिजिटलीकरण पहल, डिजीदुकान, किराना स्टोरों को एक ही ऑर्डरिंग इंटरफेस के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को डिजिटाइज़ करने में सक्षम बना रही है, जिसके तहत हैदराबाद और जयपुर में वर्तमान में 19,000 से अधिक खुदरा विक्रेता जुड़े हुए हैं।

बैठक के प्रारंभ में, डीपीआईआईटी के निदेशक श्री युवराज रविंद्र पाटिल ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों के बोर्ड सदस्यों और पदेन सदस्यों का स्वागत किया और एनटीडब्ल्यूबी के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बोर्ड की पहलों को बढ़ावा देने और डीपीआईआईटी के इंटरैक्टिव वीडियो कॉन्फ्रेंस सत्रों के व्यापक प्रसार को सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया।

सदस्यों को आगामी सुधारों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिनमें उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026 भी शामिल है, जिसे 1 जनवरी 2027 से प्रभावी करने का प्रस्ताव है और जिसका उद्देश्य जीवनयापन को सुगम बनाना है। बोर्ड ने निर्यात प्रोत्साहन पर विशेष जोर देते हुए भारत-ब्रिटेन सीईटीए वार्ता पर भी विचार-विमर्श किया।

इस बैठक में व्यापार संघों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी सदस्यों के साथ-साथ भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के पदेन सदस्य भी उपस्थित थे।

बैठक का समापन व्यापारियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने हेतु नीतिगत समर्थन, डिजिटल सशक्तिकरण, व्यापार सुगमता सुधार, सामाजिक सुरक्षा पहलों और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के प्रति बोर्ड की प्रतिबद्धता की पुष्टि के साथ हुआ। बोर्ड ने व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के कल्याण और सशक्तिकरण की दिशा में काम करने तथा विकसित भारत 2047 के विजन में सक्रिय योगदान देने के अपने संकल्प को दोहराया।

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