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डीपीआईआईटी ने स्वच्छता को बढ़ावा देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 5.0 के तहत प्रमुख उपलब्धियां हासिल कीं

भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और उससे संबद्ध संगठनों ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के समग्र मार्गदर्शन में कार्यान्वित विशेष अभियान 5.0 का सफलतापूर्वक समापन किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के सिद्धांतों को संस्थागत बनाना और सभी कार्यालयों में लंबित मामलों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना था।

इस अवधि के दौरान, डीपीआईआईटी के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय रबड़ सामग्री अनुसंधान संस्थान (आईआरएमआरआई) ने बेकार रबड़ की टाइलों का उपयोग करके एक सड़क खंड और पहुँच मार्ग के निर्माण हेतु बेकार रबड़ के कबाड़ का उपयोग करके “कचरे से कंचन” पहल को क्रियान्वित किया। 10-15 प्रतिशत बेकार रबड़ कणों के साथ सीमेंट कंक्रीट के एक अभिनव मिश्रण, क्रम्ब रबड़ सीमेंट कंक्रीट (सीआरसीसी) का उपयोग करते हुए, इस पहल ने टायर निपटान संबंधी चुनौतियों का समाधान करते हुए सड़क के टिकाऊपन और उसकी मजबूती को बढ़ाया। सड़क की मजबूत पकड़, अनुकूलन और स्थायित्व के मापदंडों से संबंधित वैज्ञानिक पड़ताल की गई। यह पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण टिकाऊ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रदर्शित करता है और नवाचार तथा सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के प्रति अभियान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डीपीआईआईटी ने देश भर में 70 स्थानों पर फैली 500 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) में अभियान चलाकर अपने स्वच्छता के लक्ष्यों को 100 प्रतिशत हासिल किया। हर चिन्हित स्थल को सफलतापूर्वक कवर किया गया, जो स्वच्छ और कुशल कार्यस्थलों को बनाए रखने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्वच्छता अभियानों के अलावा, डीपीआईआईटी ने अभियान के अन्य प्रमुख मानकों में भी उल्लेखनीय प्रगति की। विभाग ने 1,572 भौतिक फाइलों (लक्ष्य का शत-प्रतिशत) की समीक्षा की और 1,119 फाइलों की छंटाई की, जिससे कार्यालय का 11,235 वर्ग फुट स्थान मुक्त हुआ और कबाड़ निपटान से 17,69,569 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लोक शिकायत निवारणअपीलई-फाइलों और भौतिक फाइलों की समीक्षा और स्वच्छता अभियान जैसे मानकों पर डीपीआईआईटी ने लगभग शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया, जिससे जवाबदेही और प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन पर इसके निरंतर जोर का प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों के आराम और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए कार्यालय के समग्र वातावरण में सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक चलने वाले इस अभियान से पहले 15 से 30 सितंबर, 2025 तक एक तैयारी चरण चलाया गया था। इस पूरी अवधि में, डीपीआईआईटी के प्रयासों से स्वच्छता, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली। लक्ष्यों की लगभग पूर्ण पूर्ति सुनिश्चित करके, डीपीआईआईटी ने सरकारी कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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