भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज (24 मार्च, 2025) रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल हुईं।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने लोकतांत्रिक परंपराओं के सर्वोच्च मानदंड स्थापित किए हैं। इसने सदन की कार्यवाही के दौरान वेल में आने वाले सदस्यों को स्वतः निलंबित करने का असाधारण नियम बनाया है और इसका पालन किया है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि पिछले 25 वर्षों के दौरान कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने न केवल शेष भारत बल्कि दुनिया की सभी लोकतांत्रिक प्रणालियों के समक्ष उत्कृष्ट संसदीय आचरण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से सभी महिलाओं का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब वे विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को बढ़ावा देंगी, तो सभी का ध्यान उन महिलाओं की ओर जाएगा और उनके विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि चाहे वे शिक्षक हों या अधिकारी, समाजसेवी हों या उद्यमी, वैज्ञानिक हों या कलाकार, मजदूर हों या किसान, अक्सर हमारी बहनें दिन-प्रतिदिन की घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए और कठिन संघर्ष करते हुए बाहरी दुनिया में अपना स्थान बनाती हैं। जब सभी महिलाएं एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगी, तो हमारा समाज अधिक मजबूत और संवेदनशील बनेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं। सीमेंट, खनिज उद्योग, स्टील, एल्युमीनियम और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में विकास के भरपूर अवसर हैं। यह खूबसूरत राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों और अन्य प्राकृतिक सौगातों से भरपूर है। उन्होंने राज्य के नीति निर्माताओं से विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास की यात्रा से जोड़ने की जिम्मेदारी भी उनकी है।
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