चिकित्सा मुद्रास्फीति और बढ़ती प्रीमियम लागत के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 13.11.2025 को वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव श्री एम. नागराजू की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।
बैठक में जनरल इंश्योरेंस काउंसिल, एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इन इंडिया (एएचपीआई), मैक्स हेल्थकेयर, फोर्टिस हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स के स्वास्थ्य सेवा उद्योग के प्रतिनिधियों और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस और बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी जैसी बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कई अन्य लोगों ने भाग लिया।
सचिव ने बीमा कंपनियों और अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज में शामिल करने में तेजी लाने, मानकीकृत उपचार प्रोटोकॉल तैयार करने, सामान्य पैनल मानदंड, निर्बाध कैशलेस दावा प्रसंस्करण आदि जैसे उपाय करने की सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य सेवा को सस्ता और सुलभ बनाया जा सके।
इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी बीमा कंपनियों में अस्पतालों के पैनलीकरण के मानकीकृत मानदंडों से पॉलिसीधारकों के लिए निरंतर नकदी रहित पहुंच सुनिश्चित होगी, सेवा शर्तें सरल होंगी, परिचालन प्रक्रियाएं बेहतर होंगी और अस्पतालों पर प्रशासनिक बोझ कम होगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमा कम्पनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पॉलिसी धारकों को उच्चतम मानक की सेवा तथा बेहतर समय उपलब्ध कराया जाए, विशेषकर अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया के दौरान तथा दावों के निपटान के लिए अनुमोदन प्रदान करते समय।
बैठक के दौरान, सचिव ने यह भी सलाह दी कि यद्यपि चिकित्सा मुद्रास्फीति विभिन्न लागत कारकों से जुड़ी हुई है, फिर भी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शिता और दक्षता लाने हेतु लागत नियंत्रण और मानकीकरण के माध्यम से अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच अधिक सहयोग आवश्यक है।
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव श्री इंद्रजीत सिंह, अपोलो हॉस्पिटल्स की एमडी डॉ. सुनीता रेड्डी, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के एमडी श्री शिवकुमार पट्टाभिरामन, मैक्स हेल्थकेयर के सीएमडी श्री अभय सोई, एएचपीआई के महानिदेशक डॉ. गिरधर जे. ज्ञानी, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के सीईओ श्री कृष्णन रामचंद्रन, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के ईडी और सीओओ श्री अमिताभ जैन, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की महाप्रबंधक श्रीमती मीरा पार्थसारथी ने कई अन्य हितधारकों के साथ चर्चा में भाग लिया।









