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आधार नंबर धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय किए गए हैं।

आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसके लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं। इसने 16,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन पूरे किए हैं।

आधार कार्ड जारी करने के लिए अधिकृत संगठन, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार नंबर धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय किए हैं।

  • इसने अपने डेटाबेस की सुरक्षा के लिए गहन सुरक्षा अवधारणा के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा अवसंरचना लागू की है और अपने सिस्टम की सुरक्षा के लिए इसकी लगातार समीक्षा/ऑडिट करता रहता है।
  • यह डेटा के संचरण और भंडारण के दौरान उसकी सुरक्षा के लिए उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीकों का उपयोग करता है।
  • UIDAI की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को STQC द्वारा ISO 27001:2022 प्रमाणित किया गया है। UIDAI को ISO/IEC 27701:2019 (गोपनीयता सूचना प्रबंधन प्रणाली) का भी प्रमाण पत्र प्राप्त है।
  • इसके अलावा, यूआईडीएआई को एक संरक्षित प्रणाली घोषित किया गया है और इसलिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) इसकी साइबर सुरक्षा स्थिति को बनाए रखने के लिए लगातार सुरक्षा सलाह प्रदान करता है।

आधार प्रणाली के लिए शासन, जोखिम, अनुपालन और प्रदर्शन (जीआरसीपी) ढांचे के निर्माण और इसके अनुपालन की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र लेखापरीक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है।

यह यूआईडीएआई एप्लिकेशन का लगातार साइबर सुरक्षा ऑडिट करता है, जिसमें स्टैटिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग (एसएएसटी) और डायनेमिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग (डीएएसटी) शामिल हैं।

आज तक, यूआईडीएआई डेटाबेस से आधार कार्ड धारकों के डेटा में कोई सेंधमारी नहीं हुई है।

यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 17.12.2025 को लोकसभा में प्रस्तुत की थी।

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