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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच 2025 में भारत की तीसरी स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (वीएनआर) प्रस्तुत की

वीएनआर ने सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देश के समग्र सरकार और समग्र समाज दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने 23 जुलाई 2025 को सतत विकास लक्ष्यों पर आयोजित उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच (एचएलपीएफ) के मंत्रिस्तरीय खंड में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर भारत की तीसरी स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (वीएनआर) रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) ने किया था।

उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने कहा कि विश्व के साथ आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे में निवेश, लक्षित योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन तथा स्थानीय प्रतिबद्धता के संयोजन को साझा करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसने सतत विकास लक्ष्यों को एक दशक से भी कम समय में राष्ट्रीय आंदोलन में बदल दिया है।

यह वीएनआर, उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच (एचएलपीएफ) में देश की तीसरी प्रस्तुति है, जो सतत विकास लक्ष्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा के प्रति देश की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समग्र सरकार और समग्र समाज के दृष्टिकोण पर आधारित, देश के वीएनआर 2025 की तैयारी नीति आयोग द्वारा एक संरचित और परामर्शात्मक प्रक्रिया के माध्यम से संचालित की गई।  इसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, नागरिक समाज, विकास भागीदारों और निजी क्षेत्र की भागीदारी शामिल थी। पिछले वीएनआर में अपनाए गए दृष्टिकोण पर आधारित, एक स्पष्ट राष्ट्रीय रोडमैप ने इस प्रक्रिया का मार्गदर्शन किया, जिससे आंकड़ों और साक्ष्यों पर आधारित रहते हुए व्यापक-आधारित सहभागिता सुनिश्चित हुई। यूएनडीपी ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण को गहन बनाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) समन्वय और त्वरण केंद्र स्थापित करने में बहुत सहयोग किया है।

देश का वीएनआर 2025 सतत विकास के विभिन्न आयामों में निर्णायक नीतिगत कार्रवाई और परिवर्तनकारी परिणामों के एक दशक को दर्शाता है:

  • गरीबी उन्मूलन: अनुमान है कि लगभग 248 मिलियन लोग बहुआयामी गरीबी (एमपीआई) से बाहर आ गए हैं।
  • खाद्य सुरक्षा: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से लाखों लोगों को पोषण सहायता सुनिश्चित हुई है।
  • स्वास्थ्य एवं पोषण: पोषण अभियान और आयुष्मान भारत ने गुणवत्तापूर्ण पोषण और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार किया है।
  • स्वच्छ ऊर्जा: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसे कार्यक्रम भारत को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने के काम को मजबूत कर रहे हैं।
  • नवाचार और विकास: भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप प्रणाली है।
  • बुनियादी ढांचा और उद्योग: पीएम गति शक्ति, मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम जैसी योजनाएं बेहतरीन बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही हैं।

इस रिपोर्ट में जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) त्रिमूर्ति पर आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के निर्माण में भारत के नेतृत्व पर प्रकाश डाला गया है, जो समावेशी, पारदर्शी और कुशल सेवा वितरण के लिए एक वैश्विक मॉडल बन गया है।

एसडीजी इंडिया इंडेक्स , उत्तर-पूर्वी क्षेत्र जिला एसडीजी इंडेक्स और राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक जैसे उपकरणों के साथ, भारत अपने डेटा-संचालित प्रबंधन को मज़बूत करने और एसडीजी कार्यान्वयन को स्थानीय बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) जैसी पहल सरकारी सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करती हैं।

भारत का वीएनआर 2025 दक्षिण-दक्षिण सहयोग में इसके बढ़ते योगदान को उजागर करता है, जो साथी विकासशील देशों को क्षमता निर्माण और संस्थागत समर्थन के माध्यम से एक विश्वसनीय विकास भागीदार के रूप में इसकी भूमिका को दर्शाता है।

एजेंडा 2030 विकसित भारत @2047 – स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक भारत के दीर्घकालिक दृष्टिकोण – विकसित भारत के अनुरूप है, जिसका समावेशिता, नवाचार और संस्थागत मजबूती पर आधारित एकीकृत विकास रणनीति पर जोर है।

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