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ऊर्जा आपूर्ति संबंधी जोखिमों को लेकर निवेशकों की चिंताओं के चलते भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा।

मुंबई, 13 मार्च (रॉयटर्स) – मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है, जिसके चलते तेल की ऊंची कीमतों से भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बढ़ने की आशंकाओं के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया।
रुपया प्रति डॉलर 92.39 पर आ गया, जो पिछले सत्र में दर्ज किए गए अपने पिछले सर्वकालिक निम्नतम स्तर 92.3575 को भी पार कर गया।

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ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से मुद्रा में 1% से अधिक की गिरावट आई है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बाजार में किए गए हस्तक्षेपों के कारण इसने अपने कुछ उभरते बाजार समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने से पहले तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब भी बारीकी से निगरानी में रहने वाले 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब बनी हुई हैं।
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