प्रधानमंत्री श्री नरेन् द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें नागरिकों से जागृति की भावना को अपनाने का आग्रह किया गया। सफलता तब प्राप्त होती है जब कोई साहस और स्पष्टता के साथ जीवन के चुनौतीपूर्ण मार्ग पर दृढ़ रहता है।
एक्स पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:
“उत्तीष्ठत जाग्रत प्राप्य वरन्नीबोधत।
क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गन पथस्तकवयो वदंती”
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एमजेपीएस/एसआर









