चौथी अखिल भारतीय हथकरघा जनगणना 2019-20 के अनुसार , देश भर में हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों की संख्या 35,22,512 है, जिनमें से 1,690 हथकरघा बुनकर/श्रमिक पुडुचेरी में हैं।
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार देश भर में हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के अंतर्गत निम्नलिखित योजनाएं कार्यान्वित कर रही है:
- 60 वर्ष से अधिक आयु के, निर्धन परिस्थितियों में रहने वाले तथा वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम वाले पुरस्कार विजेता हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों को 8,000 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता तथा हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों के बच्चों (2 बच्चों तक) को केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त/वित्तपोषित वस्त्र संस्थानों में डिप्लोमा/स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए 2 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति।
- बीमा योजनाओं अर्थात प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के माध्यम से प्राकृतिक/दुर्घटनाजन्य मृत्यु और पूर्ण/आंशिक विकलांगता के मामले में सार्वभौमिक और सस्ती सामाजिक सुरक्षा।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से प्रत्येक और चालू वित्तीय वर्ष के दौरान हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों के लिए निम्नलिखित दो योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राशि का विवरण निम्नानुसार है:-
(करोड़ रुपए में) | |||||
क्र. सं. | योजना का नाम | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 (17.03.2025 तक) |
1. | राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम | 165.37 | 152.51 | 186.36 | 192.06 |
2. | कच्चा माल आपूर्ति योजना | 89.53 | 139.70 | 159.72 | 171.98 |
यह जानकारी कपड़ा राज्य मंत्री श्री पबित्र मार्गेरिटा ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
धन्या सानल के