खिलाड़ी – सर आपको कैसे पता चला ये गाना गाती है?
प्रधानमंत्री – ऐसा है मैं आप सबका ध्यान रखता हूं जी।
खिलाड़ी – सर आपकी बात करके मैं पूरा पेट भर गया।
प्रधानमंत्री – पेट भर गया।
प्रधानमंत्री – आप लोग मेहनत करके निकले हुए लोग हैं। तुमने अपनी एक पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री – साबिनेचर है?
खिलाड़ी – यस सर।
प्रधानमंत्री – इस पर हस्ताक्षर करना है।
खिलाड़ी – यस सर।
प्रधानमंत्री – देखिए वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो गए।
खिलाड़ी – यस सर।
प्रधानमंत्री – तो इसलिए मैंने वंदे मातरम लिखा है।
प्रधानमंत्री – हमने सुना है आप बहुत अच्छा गाना गाती हो?
खिलाड़ी – यस सर। गंगाधर शंकर करुणा करा, ममव भवसागर तारका, भो शंभू, शिव शंभू स्वयंभू।
प्रधानमंत्री – वाह। तो जाहिर है आपको कि मैं काशी का अल्पसंख्यक हूं, इसलिए शंभू को याद किया।
खिलाड़ी – यस सर।
खिलाड़ी – सर हमारी टीम में सभी स्टॉकहोम खिलाड़ी हैं।
प्रधानमंत्री- अच्छा , सबके सब, तो पॉलिटिक्स जैसा है। पॉलिटिक्स में सब ज्वालामुखी होते हैं। कभी वो मंत्री बन जाता है, कभी वो मंत्री बन जाता है, कभी सांसद बन जाता है।
प्रधानमंत्री – जय जगन्नाथ !
खिलाड़ी – जयजनाथ। मैं मोदी सर के साथ जेक फोटो खींचने के लिए गया था, आप गाना गाते हैं। सदन ने पूछा, सर को कैसे पता है, मुझे पता नहीं, और मुझे पूरा एक बार पूरा दिखाया गया।
प्रधानमंत्री- पहले काव्या , आओ।
खिलाड़ी- धन्यवाद .
खिलाड़ी – सर आपको कैसे पता चला ये गाना गाती है?
प्रधानमंत्री- ऐसा ही है , मैं आप सबका ध्यान रखता हूं जी।
खिलाड़ी- मेरे पापा का भी एक बहुत बड़ा सपना था । वो बहुत लाइक करते थे। लेकिन अभी मेरे पापा नहीं हैं, लेकिन मैं मन में सोच रही हूं कि अगर मेरे पापा ने देखा, तो बहुत खुशी हुई होगी।
प्रधानमंत्री- इसका मतलब इतना ही खाना नहीं है, और भी है। ये जम्मू-कश्मीर को खेलाओ, जो कि खतरनाक है। ये मध्य प्रदेश है.
खिलाड़ी – वो लोग पूरे गांव में करते हैं, तुम ब्लाइंड बात करते हो, तुम क्या करते हो? तुम कुछ भी नहीं करते हो। वैसे पूरी बात करते हैं। और हमारे पापा-मम्मी उन लोगों को बातें करते हैं और थोड़ा बुरा लगता है वो लोग।
प्रधानमंत्री – अभी तो, अभी तो गांव वाला ईस्टर्न शुरू किया होगा?
खिलाड़ी – यार सर। यार सर. अच्छा लगा उनके हाथ से पहली बार कुछ हम मीठा खाना। तो इसका मतलब वो कुछ बहुत अच्छी फाइलिंग्स थी, मैं कुछ नहीं कह सकता। मेरा एक सपना था, मेरा, मेरा सपना पूरा हो गया।
प्रधानमंत्री – शुरू करो बेटादीपिका। तो ये पसंद नहीं है?
खिलाड़ी – पसंद है।
प्रधानमंत्री – विशेष अनुमति हो।
खिलाड़ी – सर आपकी बात करके मैं पूरा पेट भर गया।
प्रधानमंत्री – पेट भर गया।
प्रधानमंत्री – जो मेहनत करके आगे आते हैं, उनकी मेहनत कभी फेल नहीं होती। सिर्फ खेल के मैदान में नहीं, जिंदगी में भी। तो आप लोग मेहनत करके निकले हुए लोग हैं। तुमने अपनी एक पहचान बनाई है, और अब देखा तो तुम्हारा सामान भी बहुत बढ़ गया होगा।
खिलाड़ी- जी सर ।
प्रधानमंत्री- पहले गांव में टीचर से करनी है तो क्या आप भी सोचे होंगे, इंडक्शन की बात नहीं ? और आज आप प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं।
खिलाड़ी – यस सर। आप इतने अच्छे से हम लोगों के साथ बात कर रहे हैं ना, हम सब फ्री… बात करने के लिए मन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री – आप मेरे अपने हैं, तो मैं तो ऐसे ही बात करूंगा।
खिलाड़ी – उनकी लीडरशिप में हमारा जो स्पोर्ट है, वो बहुत आगे जा रहा है। हर फील्ड में वो बहुत अच्छे कर रहे हैं। बहुत सारे रिकॉर्ड बहुत आगे जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री – आप लोग कहते हैं, तो मुझे भी लगता है कि वाह, हमारा देश कितना आगे बढ़ रहा है, इन बच्चों में क्या है। जैसे हम चुनावी कर्मचारी हैं।
खिलाड़ी – यस सर।
प्रधानमंत्री – तो सामने वाले की ज़मानत ज़ब्त हो जाती है, ज़ब्ती ज़ब्त हो जाती है, तो लोग कहते हैं कितने इंसान हो तुम, उसकी ज़मानत भी खा जाती है। आप लोगों ने इस बार खेल में किसी भी तरह से 10 ओवर के नोट खरीदे।
खिलाड़ी – सर तीन ओवर में भेजा गया।
प्रधानमंत्री – तो ये, ये इतनी प्यारी क्यों होती हो आप लोग? नवजात शिशु, बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। आपके देश का नाम रोशन किया गया है, और देश के सभी लोगों को इससे प्रेरणा मिलेगी।
खिलाड़ी- जी सर।
खिलाड़ी- धन्यवाद सर .
प्रधानमंत्री – और सिर्फ नापसंद को नहीं, बाकियों को भी मकसद।








