- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन मंत्रालय की ‘सहकारिताओं के बीच सहयोग’ की पहल को आगे बढ़ा रहा है।
- इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य आलू के लिए एक व्यापक बीज-से-बाज़ार मूल्य श्रृंखला विकसित करना है
माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में ‘सहकारिताओं के बीच सहयोग’ की अनेक पहलों को बढ़ावा देकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन को साकार करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है । इसी दिशा में, बनास डेयरी (अमूल का एक अंग और एशिया की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) ने उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू के उत्पादन और वितरण हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर 10 नवंबर , 2025 को अटल अक्षय ऊर्जा भवन, नई दिल्ली में भारत सरकार के सचिव (सहकारिता) डॉ. आशीष कुमार भूटानी और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक श्री संग्राम चौधरी और बीबीएसएसएल के प्रबंध निदेशक श्री चेतन जोशी के साथ हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि यह साझेदारी मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने और उत्पादकता को बढ़ावा देकर किसानों के सशक्तिकरण और समृद्धि में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस साझेदारी का उद्देश्य एक व्यापक “बीज-से-बाज़ार” आलू मूल्य श्रृंखला स्थापित करना है जो प्रमाणित, रोग-मुक्त बीज आलू का उत्पादन सुनिश्चित करते हुए वैज्ञानिक खेती विधियों, अनुबंध कृषि व्यवस्थाओं और कुशल बाज़ार संपर्कों को बढ़ावा देती है। तकनीकी नवाचार को सहकारी शक्ति के साथ जोड़कर, इस पहल का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, इनपुट हानियों को कम करना और अंततः मूल्य श्रृंखला में आलू उत्पादक किसानों की आय और लचीलापन बढ़ाना है। समझौता ज्ञापन के तहत, बीबीएसएसएल बनास डेयरी की टिशू कल्चर और एरोपोनिक सुविधाओं का उपयोग करेगा, जबकि बनास डेयरी तकनीकी और बाज़ार सहायता प्रदान करेगी। श्री संग्राम चौधरी ने बनास डेयरी के “बियॉन्ड डेयरी” विस्तार पर प्रकाश डाला, जबकि श्री चेतन जोशी ने बीज आलू में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर ज़ोर दिया।









