इस्पात मंत्रालय भुवनेश्वर में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन करेगा, जिसमें प्रौद्योगिकी, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
चिंतन शिविर इस्पात क्षेत्र में विकास और परिचालन उत्कृष्टता के लिए सहयोगात्मक रणनीतियों को आगे बढ़ाएगा।
इस्पात मंत्रालय 20 नवंबर 2025 से भुवनेश्वर में मेफेयर कन्वेंशन में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन करेगा, जिसमें भारत के इस्पात क्षेत्र के भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श करने के लिए वरिष्ठ नेतृत्व और हितधारकों को एक साथ लाया जाएगा।
इस शिविर को राष्ट्र निर्माण में घरेलू इस्पात क्षेत्र की भूमिका को मज़बूत करने हेतु गहन विचार-मंथन, सहयोग और रणनीतिक समन्वय के एक मंच के रूप में देखा जा रहा है। इस विचार-विमर्श में माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी और माननीय इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा की उपस्थिति रहेगी। उनके साथ इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री संदीप पौंड्रिक, इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रमुख और इस्पात मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
शिविर के विषयगत सत्र, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डिजिटलीकरण सहित इस्पात क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग पर केंद्रित होंगे। परिचालन उत्कृष्टता और उत्पादकता पर भी चर्चा होगी, जिससे मूल्य श्रृंखला में दक्षता सुनिश्चित होगी। इसका उद्देश्य हितधारकों के दृष्टिकोण से एक रणनीतिक दृष्टिकोण विकसित करना है, जबकि आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस्पात क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा, शिविर में आधुनिक खनन विधियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसमें खनन अवसंरचना के उन्नयन और उद्योग की बढ़ती माँगों को पूरा करने हेतु उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस प्रकार, भुवनेश्वर में चिंतन शिविर इस्पात उद्योग के लिए रोडमैप तैयार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के आर्थिक विकास और औद्योगिक उन्नति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को और पुष्ट करता है।









