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ANN Hindi

फार्मा और मेडटेक इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 5,000 करोड़ रुपए की पीआरआईपी योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करने की दूसरी तिथि की घोषणा


पीआरआईपी योजना से फार्मा और मेडटेक क्षेत्रों में स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योग के लिए नए अवसर

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग ने फार्मा एवं मेडटेक में अनुसंधान एवं नवाचार प्रोत्साहन (पीआरआईपी) योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करने की दूसरी तिथि की घोषणा की है। 5,000 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और बड़ी कंपनियों को नवाचार मूल्य श्रृंखला में तेजी से आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करके देश के फार्मा एवं मेडटेक अनुसंधान एवं विकास परितंत्र को मजबूत करना है।

 

दो श्रेणियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं:

  • प्रारंभिक चरण: प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में टीआरएल (प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर) 1, 2 या 3 पर मौजूद उत्पादों या प्रौद्योगिकियों को टीआरएल 5 से अधिक न होने वाले उच्च टीआरएल तक ले जाने के उद्देश्य से स्टार्टअप और एमएसएमई की परियोजनाएं पात्र होंगी। इन परियोजनाओं के लिए दो चरणों वाली प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसकी शुरुआत एक संक्षिप्त अवधारणा नोट से होगी। इसके बाद चयनित आवेदकों के लिए विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। अवधारणा नोट, पात्र एमएसएमई और स्टार्टअप द्वारा सीधे या अपने नेटवर्क में मौजूद आशाजनक परियोजनाओं की ओर से इकोसिस्टम के समर्थकों द्वारा प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इस योजना के तहत प्रति परियोजना 5 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • बाद के चरण: उद्योग, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों में वे परियोजनाएं जो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में टीआरएल 4, 5, या 6 पर मौजूद उत्पादों या प्रौद्योगिकियों को उच्चतर स्तर तक ले जाने की आकांक्षा रखते हैं, पात्र हैं। आगे की चरणों की परियोजनाएं एक विस्तृत आवेदन पत्र के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकती हैं। इस योजना के तहत प्रति परियोजना अधिकतम 100 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, बशर्ते कि यह सहायता स्वीकृत कुल परियोजना लागत के अधिकतम 35 प्रतिशत तक सीमित होगी, और शेष राशि आवेदक को सह-वित्तपोषित करनी होगी।

आवेदन पत्र और सहायक दिशानिर्देश पीआरआईपी पोर्टल https://prip.pharma-dept.gov.in/ पर उपलब्ध हैं। आवेदक आवेदन संबंधी आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए निम्नलिखित संसाधनों का भी संदर्भ ले सकते हैं:

  • योजना संबंधी दस्तावेज: योजना और योजना संबंधी दिशानिर्देश
  • अवधारणा नोट (प्रारंभिक चरण की परियोजनाओं के लिए): अवधारणा नोट के लिए मार्गदर्शन
  • विस्तृत आवेदन पत्र (बाद के चरण की परियोजनाओं के लिए): आवेदन पत्र के लिए दिशानिर्देश
  • अन्य दस्तावेज़: माइलस्टोन डिस्क्रिप्टर कैटलॉग और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
  • योजना के विभिन्न पहलुओं पर अतिरिक्त मार्गदर्शन के लिए, कृपया एप्लीकेशन सपोर्ट टूलकिट देखें ।

पीआरआईपी पोर्टल पर आवेदन जमा करने की प्रक्रिया सितंबर के मध्य तक शुरू हो जाएगी। पीआरआईपी के पहले चरण में परियोजना जमा कर चुके आवेदकों से अनुरोध है कि वे उसी परियोजना को दोबारा जमा न करें। किसी भी प्रश्न के लिए इच्छुक आवेदक support-prip@pharma-dept.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं।

फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2023 में पीआरआईपी योजना शुरू की गई थी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। इसका लक्ष्य विश्व स्तरीय अनुसंधान अवसंरचना का निर्माण करना और योग्य, प्रशिक्षित छात्रों की प्रतिभा विकास करना है। व्यवहार्य उत्पादों के व्यावसायीकरण की संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से, उद्योग और स्टार्टअप भी इस योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले मार्गदर्शन का लाभ उठा सकते हैं। मेडटेक मित्र और पेटेंट मित्र जैसी पहल और योजना के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग और साझेदारी को सुगम बनाएंगे।

इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

1. नई औषधियां- नई रासायनिक औषधियां/पदार्थ (जिनमें नई रासायनिक इकाई (एनसीई), नई जैविक इकाई (एनबीई) और पादप-औषधीय पदार्थ शामिल हैं)

2. जटिल जेनेरिक और बायोसिमिलर

3. नवीन चिकित्सा उपकरण (लक्षित नवोन्मेषी उपचार)-इसका तात्पर्य उन चिकित्सा उपकरणों से है जिन्हें पहले सीडीएससीओ द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है। इसमें सभी नवीन चिकित्सा उपकरण शामिल हैं, जो इस प्रकार हैं: (i) सॉफ्टवेयर विकास, सॉफ्टवेयर एज मेडिकल डिवाइस (एसएएमडी) और सॉफ्टवेयर इन मेडिकल डिवाइस (एसआईएमडी) के साथ एआई/एमएल आधारित चिकित्सा उपकरण (ii) आनुवंशिक प्रौद्योगिकी वाले चिकित्सा निदान और स्क्रीनिंग उपकरण (iii) शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए रोबोटिक चिकित्सा उपकरण (iv) टेलीमेडिसिन सुविधाओं वाले चिकित्सा उपकरण और (v) कोई भी नया इन विट्रो डायग्नोस्टिक चिकित्सा उपकरण, जो बायोमार्कर को शामिल करता है, सटीक चिकित्सा को सक्षम बनाता है।

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