अनुसंधान, शिक्षा, क्षमता निर्माण, समग्र स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित सहयोग।
आयुष मंत्रालय के अधीन जामनगर स्थित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) ने हैदराबाद के कान्हा शांति वनम स्थित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट (एचएफआई) के साथ पांच साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता ज्ञापन आयुर्वेद शिक्षा, नैदानिक अभ्यास और अनुसंधान में आईटीआरए और ध्यान, योग, जीवनशैली संबंधी प्रथाओं और पर्यावरण संबंधी पहलों में एचएफआई की पूरक शक्तियों का लाभ उठाने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। इस साझेदारी का उद्देश्य एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।
कल कान्हा शांति वनम में आयोजित हितधारकों की परामर्श बैठक के दौरान इस सहयोग पर प्रकाश डाला गया। बैठक में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव, पद्म भूषण दाजी, नीति आयोग के सदस्य डॉ. श्रीनिवास, आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा और नीति आयोग तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अगस्त 2026 में आईटीआरए की निदेशक प्रो. तनुजा नेसारी और हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के श्री कुमार कन्नन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगात्मक अनुसंधान, छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, शैक्षणिक कार्यक्रम, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण, नवाचार और बौद्धिक संपदा विकास शामिल हैं। यह साझेदारी रोग निवारण और समग्र स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
यह सहयोग आयुष मंत्रालय के साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आयुर्वेद के वैश्विक प्रचार को आगे बढ़ाने के प्रयासों के अनुरूप है, साथ ही समग्र स्वास्थ्य और सतत विकास को बढ़ावा देता है।










