प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया, जिसमें बताया गया कि सच्ची आज़ादी लोगों को डर और गुलामी से आज़ाद करने में है, जिससे वे कॉन्फिडेंस और इज्ज़त के साथ जी सकें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“यावदस्यास्वतन्त्रत्वं तावदीश्वरतो भयम्।
य एत्समुपासीरंस्ते मुह्यन्ति शुचार्पिताः॥”
जब तक कोई इंसान खुद को आज़ाद नहीं समझता, तब तक वह अपने से बड़ी ताकत के डर में जीता है। जो लोग इस विश्वास को मानते हैं, वे डर, दुख और वहम में फंसे रहते हैं। आज़ादी की असली कीमत लोगों को डर और गुलामी से आज़ाद करने में है, ताकि वे कॉन्फिडेंस और इज्ज़त के साथ जी सकें।

