प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक कल्याण को आगे बढ़ाने में सामूहिक संकल्प और एकता के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
“सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है।
समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः।
समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥”
हमारे सभी संकल्प एक समान होने चाहिए, हमारे मन एकता की भावना से जुड़े होने चाहिए, जिससे हम सभी परस्पर सहयोग तथा समान व्यवहार के साथ समाज की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।









