चर्चा के मुख्य बिंदु: असम में तीव्र गति से विकास और भारत की विकास यात्रा में राज्य की बढ़ती भूमिका।
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, असम पूर्वोत्तर में प्रौद्योगिकी-संचालित विकास के लिए विज्ञान, अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी का लाभ उठा सकता है।
पिछले एक दशक में शांति, एकीकरण और तीव्र गति से विकास ने असम को रूपांतरित किया है।
असम विधानसभा के अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और असम के बदलते स्वरूप और देश के विकास पथ में इसके बढ़ते महत्व पर विचार-विमर्श किया।
इस संवाद के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने असम में हो रहे तीव्र विकास पर प्रकाश डाला और बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से राज्य में परियोजनाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने पिछले एक दशक में राज्य में हुई विकास की गति के महत्व पर बल दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी आधारित विकास को बढ़ावा देने को केंद्र की प्राथमिकता बताया। चर्चा में असम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी अवसंरचना के विस्तार की संभावनाओं, स्टार्टअप और इनक्यूबेशन केंद्रों को प्रोत्साहित करने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री ने असम विधानसभा के अध्यक्ष को अंतरिक्ष विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी, जिनका उपयोग दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है, जिसमें योजना, आपदा प्रबंधन और कृषि उत्पादकता के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का उपयोग शामिल है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि असम, जो पहले मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शनों और उग्रवाद से संबंधित मुद्दों के लिए खबरों में रहता था, पिछले एक दशक में काफी बदल गया है। शांति कायम होने के साथ, राज्य अपनी पिछली चुनौतियों से उबर चुका है और व्यापक विकास परिदृश्य का अभिन्न अंग बन गया है।
उन्होंने कहा कि असम के लोग न केवल मुख्यधारा में एकीकृत हो गए हैं, बल्कि राज्य अब भारत की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। बदलती परिस्थितियों ने असम को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है, जो राज्य में देखी गई विकास और प्रगति को दर्शाता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने डोनर में अपने सात वर्षों के दौरान इस क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव को भी याद किया। इस संवाद में असम में हो रहे परिवर्तन की झलक भी मिली, जिसमें राज्य शांति, विकास और भारत की विकास यात्रा के साथ अधिक एकीकरण के चरण की ओर अग्रसर है।










