प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें जीवन की चुनौतियों पर काबू पाने और प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल परिस्थितियों में बदलने में दृढ़ संकल्प, लगन और साहस की शक्ति पर प्रकाश डाला गया।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;
“दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्।”
न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥”
जो व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों को अनुकूल परिस्थितियों में बदलने का दृढ़ संकल्प, लगन और साहस रखता है, वह जीवन की चुनौतियों से कभी पराजित नहीं होता। बल्कि, निरंतर प्रयास और अटूट इरादे से वह आगे बढ़ता है और अंततः सफलता प्राप्त करता है।









