प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अभिनेता श्री धर्मेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महान अभिनेता श्री धर्मेन्द्र जी के निधन पर शोक व्यक्त किया और इसे भारतीय सिनेमा में एक युग का अंत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र जी एक प्रतिष्ठित फिल्मी हस्ती और एक अद्भुत अभिनेता थे, जिन्होंने अपने हर किरदार में आकर्षण और गहराई भर दी। विविध किरदारों को […]
प्रेस विज्ञप्ति

आज (24 नवंबर, 2025) सुबह 10 बजे गणतंत्र मंडप, राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में, न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ ली और उस पर हस्ताक्षर किए।
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह ने लाचित बोरफुकन जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह ने भारतीय इतिहास के सबसे महान योद्धाओं में से एक, अहोम सैन्य नायक लाचित बोरफुकन जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। श्री शाह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे इतिहास के सबसे महान योद्धाओं में से एक, अहोम सैन्य नायक लाचित बोरफुकन जी […]
केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की सांसद खेल महोत्सव 2025 के तहत पहल

बीकानेर, 20 नवंबर। केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की सांसद खेल महोत्सव 2025 के तहत पहल पर देश में पहली बार 200 किमी लंबी ‘वेदांता टूर डी थार’ अंतर्राष्ट्रीय साइक्लिंग रेस का आयोजन बीकानेर में किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार सुबह 08.15 बजे नौरंगदेसर में साइक्लिंग रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर […]
दिव्य कला मेला – लखनऊ का सफल आयोजन

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में तथा NDFDC (राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं, विकास निगम) द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में आयोजित “दिव्य कला मेला – लखनऊ 23 नवम्बर 2025 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस नौ-दिवसीय मेले में देश के 18 से अधिक राज्यों से पधारे दिव्यांगजन उद्यमियों ने अपनी अनूठी कला, विशिष्ट कौशल एवं उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया। हैडिक्राफ्ट, जूट एवं बांस कला, वुडक्राफ्ट, टेक्सटाइल्स, फैशन उत्पाद, ऑर्गेनिक वस्तुएँ, पैकेज्ड फूड, पेंटिंग तथा विभिन्न कला-रूपों के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, संगीत प्रस्तुतियाँ, लाइव आर्ट एवं बच्चों की विशेष प्रस्तुतियों ने आयोजन स्थल के वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। मेले में उपभोक्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक की गई खरीदारी के परिणामस्वरूप लगभग 270 लाख की बिक्री दर्ज की गई, जो दिव्यांगजन उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष आयोजन– रोजगार मेला (18 नवम्बर 2025): कुल 38 दिव्यांगजन शॉर्टलिस्ट किए गए तथा 08 दिव्यांगजन को जॉब ऑफर प्रदान किए गए। CRE कार्यक्रम (19-21 नवम्बर 2025): लगभग 200 दिव्यांगजन प्रतिभागियों ने भाग लेकर इस कार्यक्रम को अत्यंत सार्थक और प्रभावी बनाया। मोबाइल कोर्ट (21 नवम्बर 2025): भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष पहल में लगभग 240 दिव्यांगजनो की समस्याओं का समाधान किया गया। दिव्य कला शक्ति कार्यक्रम (23 नवम्बर 2025): इस विशेष प्रस्तुति में देशभर की उत्कृष्ट दिव्यांगजन प्रतिभाओं ने अपनी अद्भुत कला, नृत्य एवं संगीत का मनमोहक प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और दर्शकों द्वारा सराहा गया। दिव्य कला मेला – लखनऊ का यह संस्करण दिव्यांगजन उद्यमिता, कौशलं संवर्धन और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
एनईएसटीएस ने “जनजातीय शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया

नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेन्ट्स (एनईएसटीएस) ने “जनजातीय शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण” विषय पर 21 और 22 नवंबर 2025 को आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली में दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यशाला एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों (ई. एम. आर. एस.) के माध्यम से जनजातीय समुदायों के लिए शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इससे प्रधानमंत्री के विज़न और शिक्षा के माध्यम से जनजातीय जीवन में बदलाव लाने के लिए सतत और प्रभावी शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। जनजातीय मंत्रालय की सचिव सुश्री रंजना चोपड़ा ने इस कार्यशाला का उद्घाटन किया और ईएमआरएस भवन के लिए इंजीनियर्स हैंडबुक का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य एनईएसटीएस, परियोजना टीम और ईएमआरएस परियोजनाओं को लागू करने वाले इंजीनियरों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इएमआरएस जनजातीय बच्चों और उनके परिवारों में आत्मविश्वास और गौरव पैदा करने वाले समग्र और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण प्रदान करके पीढ़ीगत सामाजिक गतिशीलता को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्कूल निर्माण में सुरक्षा, संरचनात्मक संपूर्णता और सौंदर्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये संस्थान आशा और अवसर के प्रतीक हैं। निर्माण स्थल से संबंधित चुनौतियों को मानते हुए, उन्होंने दोहराया कि जनजातीय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने में सहयोग करने वाले उच्च गुणवत्ता के ईएमआरएस परिसर प्रदान करने के लिए परिश्रम, पारदर्शी संचार और जुड़ीं अपेक्षाएं आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से सूचना संबंधी कमियों को दूर करने, तकनीकी प्रश्नों का समाधान करने और सुरक्षित तथा प्रेरणादायक स्कूल बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में समन्वित प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एनईएसटीएस के आयुक्त का संबोधन:- शुरुआत में, एनईएसटीएस आयुक्त श्री अजीत के श्रीवास्तव ने कार्यशाला में मुख्य अतिथि जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव सुश्री रंजना चोपड़ा का स्वागत किया। अपने उद्घाटन भाषण में, श्री अजीत ने ईएमआरएस कार्यक्रम के तहत अब तक की महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 499 स्कूल कार्यरत हैं, 397 स्कूल भवनों का निर्माण हो चुका है, और शेष स्कूल निर्माण या पूर्व-निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने उच्च निर्माण गुणवत्ता बनाए रखते हुए ईएमआरएस परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहाः “समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले ईएमआरएस को पूरा न करने का मतलब है कि आदिवासी बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, जो अस्वीकार्य है।“ कार्यशाला के बारे में:- कार्यशाला में विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, सीपीडब्ल्यूडी, राज्य सरकारों और निर्माण एजेंसियों के इंजीनियर शामिल हुए। क्षमता निर्माण अभ्यास के रूप में डिज़ाइन किया गया यह कार्यक्रम सर्वोत्तम गुणवत्ता प्रथाओं का पालन करते हुए निर्माण प्रगति को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित था। यह पहल दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल के मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। कार्यशाला के सत्रों में परियोजना की योजना और निगरानी, भू-तकनीकी जांच, सामग्री परीक्षण, मिट्टी खुदाई के काम और जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशिष्ट सुदृढीकरण प्रथाओं जैसे प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें वास्तुकला लेआउट, योजना ढांचे और क्षेत्र-विशिष्ट निर्माण चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जनजातीय समुदायों के भौगोलिक और सांस्कृतिक संदर्भों के लिए निर्माण दृष्टिकोण को अनुकूलित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। गुणवत्ता निर्माण में विशेषज्ञ सलाह आईआईटी, एनआईटी, सीबीआरआई, एसएआई और अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने सहयोगात्मक समस्या-समाधान और अभिनव समाधानों को बढ़ावा देने के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा की। विषयों में गुणवत्ता आश्वासन तंत्र, प्रभावी सामग्री परीक्षण तकनीक और परियोजना प्रबंधन रणनीतियां शामिल थीं। संवादात्मक प्रश्नोत्तरी सत्रों में प्रतिभागियों ने क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों के समाधान और ईएमआरएस विकास से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान का आदान-प्रदान किया। […]
राम मंदिर की कथा

अयोध्या में प्रातः सूर्य की पहली किरणें सिर्फ पत्थर के स्तंभों और नक्काशीदार मीनारों को ही प्रकाशित नहीं करतीं। वे उस कथा पर भी प्रकाश डालती हैं जिसने शताब्दियों से भारत के सांस्कृतिक अंतस को गढ़ा है। अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा राम मंदिर सिर्फ वास्तुशिल्प का अद्भुत नमूना ही नहीं, बल्कि आस्था और समुत्थान का […]