नई दिल्ली, 9 जुलाई (रॉयटर्स) – मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन सीईओ कैंपबेल विल्सन के उत्तराधिकारी की खोज के दौरान एयरलाइन की देखरेख के लिए स्वयं सहित वरिष्ठ अधिकारियों की एक अंतरिम समिति का गठन कर रहे हैं।
इस समिति में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्व शीर्ष अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला भी शामिल होंगे। एक व्यक्ति ने बताया कि इस पैनल का एक उद्देश्य एयर इंडिया में निरंतरता सुनिश्चित करना है, जबकि चंद्रसेकरन का टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल विस्तार लंबित है।
टाटा संस, टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है, जो एयर इंडिया को 75% हिस्सेदारी के साथ नियंत्रित करती है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस (SIAL.SI)शेष 25% हिस्सेदारी का मालिक है।
न्यूजीलैंड में जन्मे विल्सन का नोटिस पीरियड 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है, इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया। इस लेख में उद्धृत सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी है क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है। रॉयटर्स ने पहले बताया था कि एयर इंडिया के वाणिज्यिक प्रमुख निपुण अग्रवाल और सिंगापुर एयर के कार्यकारी विनोद कन्नन विल्सन के उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। विल्सन ने अप्रैल में लगभग चार साल के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया था।
इससे पहले, द इकोनॉमिक टाइम्स अखबार ने खबर दी थी कि चंद्रशेखरन ने एयरलाइन के संचालन के लिए एक अंतरिम समिति का गठन किया है, क्योंकि सीईओ की नियुक्ति में कुछ महीनों की देरी होने की संभावना है। अखबार ने यह भी बताया कि अग्रवाल को सीईओ नियुक्त करने के प्रस्ताव का टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा समेत कई लोगों ने विरोध किया है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस का लगभग 66% हिस्सा है।
एयर इंडिया और टाटा संस ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। एयरलाइन और उसकी बजट सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले वित्तीय वर्ष में संयुक्त रूप से 2 अरब डॉलर से अधिक का रिकॉर्ड घाटा दर्ज किया ।
सुरक्षा संबंधी कई चूकों और पिछले साल भारत के गुजरात में हुए बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी, के बाद से एयर इंडिया गहन जांच के दायरे में है । पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइंस पर लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध से भी एयर इंडिया को भारी नुकसान हुआ है, जिससे ईंधन और परिचालन लागत में वृद्धि हुई है।
अभिजीत गणपवरम द्वारा रिपोर्टिंग; थॉमस डेरपिंगहॉस द्वारा संपादनI









