अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस) तथा उच्च स्तरीय शिक्षा योजनाओं के माध्यम से प्रदान की गई छात्रवृत्ति ने देश के शैक्षणिक संस्थानों/कॉलेजों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने में योगदान दिया है।
इससे न केवल वित्तीय बोझ कम करने में सहायता मिली है, बल्कि अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में भी मदद मिली है। शैक्षणिक अवसरों में सुधार के जरिए इन योजनाओं ने सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता को बढ़ावा दिया है, करियर की संभावनाओं को बढ़ाया है और अनुसूचित जाति समुदायों के आर्थिक तथा सामाजिक पिछड़ेपन को दूर किया है।
पिछले पांच वर्षों में, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना और उच्च शिक्षा योजना के तहत क्रमशः 2, 22, 31, 139 और 20, 340 अनुसूचित जाति के छात्र लाभान्वित हुए हैं।
इन योजनाओं के अंतर्गत अनुसूचित जाति के छात्र आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी, एम्स, एनआईटी, एनआईएफटी, एनआईडी, आईएचएम, एनएलयू आदि सहित महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं और अपने संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हैं।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।









