प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज संस्कृत सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें अच्छे चरित्र और आचरण के महत्व पर जोर दिया गया।
“ज्ञानवांश्च तथा वाग्मी कर्मस्वपि च निश्चितः।
एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥”
इसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति बुद्धिमान, वाक्पटु और अच्छे चरित्र एवं आचरण से संपन्न होता है, वही वास्तव में एक अच्छा व्यक्ति होता है।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
ज्ञानवांश्च तथा वाग्मि कर्मस्वपि च निश्चितः।
एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥

