वस्त्र मंत्रालय ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान में सफलतापूर्वक भाग लिया, जिसमें मंत्रालय के अधीन विभिन्न संगठनों, संस्थानों और क्षेत्रीय इकाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता, जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था, जिसमें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) के परिवर्तन और स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों, स्वच्छ पाठशाला – स्वच्छता के लिए युवा, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जन भागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि पर जोर दिया गया था।

इस कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत स्वच्छता की शपथ, श्रमदान और वृक्षारोपण शामिल थे, जो स्वच्छ, हरित और अधिक जिम्मेदार भारत के प्रति मंत्रालय की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों, एनआईएफटी दिल्ली के अधिकारियों और हितधारकों की भागीदारी ने इस संदेश को बल दिया कि स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के लिए निरंतर सामूहिक कार्रवाई और सक्रिय जनभागीदारी आवश्यक है।

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर दिल्ली के एनआईएफटी में आयोजित वृक्षारोपण गतिविधि का समापन सचिव (वस्त्र) श्रीमती नीलम शमी राव के नेतृत्व में और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी के साथ हुआ, जिसने स्वच्छ और हरित भारत के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता और “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” श्रमदान पहल को और मजबूत किया।
एसएचएस 2026 के दौरान की गई प्रमुख गतिविधियाँ
जनभागीदारी और कम करें-पुन: उपयोग करें-पुनर्चक्रण करें
जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत, अपशिष्ट पृथक्करण और कम करें-पुन: उपयोग करें-पुनर्चक्रण करें (RRR) मॉडल पर जागरूकता और प्रदर्शन गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन पहलों ने जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा दिया और हितधारकों को टिकाऊ स्वच्छता प्रथाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
बुनकरों की भागीदारी :- इस अभियान में बुनकरों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। शाहपुर और रामपुर में बुनकरों के साथ स्वच्छता की शपथ ली गई, जबकि बिजनौर क्लस्टर के बुनकरों ने नमूनों के रखरखाव और स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया।
कचरे से कला और पुनर्चक्रण: विभिन्न परिसरों में कबाड़ से जुगाड़, कबाड़ से कला, प्लास्टिक पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग/पुनर्चक्रण अभियान जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
स्वच्छता प्रतिज्ञा एवं श्रमदान:-
मेरठ स्थित महिला शिक्षा केंद्र (डब्ल्यूएससी) में स्वच्छता प्रतिज्ञा गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति अधिकारियों और हितधारकों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
एसएचएस 2026 के तहत राष्ट्रव्यापी श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियां चलाई गईं, जिनका उद्देश्य संस्थागत और सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता में सुधार के लिए सामूहिक कार्रवाई और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।
एक पेड़ माँ के नाम :
पर्यावरण स्थिरता एसएचएस 2026 का एक महत्वपूर्ण घटक था। “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत वृक्षारोपण गतिविधियां चलाई गईं, जिससे पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारी और सतत विकास के संदेश को बल मिला। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर दिल्ली के एनआईएफटी में आयोजित समापन वृक्षारोपण कार्यक्रम, जिसका नेतृत्व सचिव (वस्त्र) श्रीमती नीलम शमीराव ने किया और जिसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, ने स्वच्छ और हरित भारत के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
स्वच्छ पाठशाला – स्वच्छता के लिए युवा :
स्वच्छता अभियान में युवाओं और छात्रों को शामिल करने के लिए शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन पहलों ने स्वच्छता को एक आदत के रूप में बढ़ावा दिया और युवा नागरिकों को स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर
सफाई मित्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा और कल्याण पर विशेष जोर देते हुए उनके लिए विशेष पहल की गई। स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने में उनके बहुमूल्य योगदान को मान्यता देने के लिए जागरूकता गतिविधियां और संवाद आयोजित किए गए।
जन जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम: मंत्रालय और उसके संगठनों ने स्वच्छता, साफ-सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण स्थिरता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। संगठनों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपनी गतिविधियों का प्रचार किया और उन्हें स्वच्छ भारत ही सेवा पोर्टल पर अपनी गतिविधियों को नियमित रूप से अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अभियान का समापन :- एसएचएस 2026 अभियान 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस और महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर समाप्त हुआ।
विभिन्न संगठनों, अधिकारियों, कर्मचारियों, बुनकरों, युवाओं, सफाई मित्रों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी ने इस संदेश को मजबूत किया कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सतत विकास का एक अभिन्न अंग है।
वस्त्र मंत्रालय और उसके संगठनों ने स्वच्छता ही सेवा 2026 के दौरान उत्पन्न गति को बनाए रखने और अभियान की अवधि के बाद भी स्वच्छता, साफ-सफाई, पर्यावरणीय स्थिरता और जनभागीदारी की पहलों को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
स्वच्छता ही सेवा 2026 का सफल समापन वस्त्र मंत्रालय और उसके संगठनों के स्वच्छता को जीवन का एक स्थायी तरीका बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।


कार्यालयों की गहन सफाई


कला की बर्बादी: कबाड़ से जुगाड़, कबाड़ से काला

वृक्षारोपण-एक पेड़ माँ के नाम

डॉ. नेहा राजपूत द्वारा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यशाला


पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता – प्लास्टिक के उपयोग के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम
स्वच्छता ही सेवा पर निबंध लेखन प्रतियोगिता

