36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 90186 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का सत्यापन किया गया;
34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 251756 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार किया गया।
राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्य योजना (नमस्ते) का उद्देश्य स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए एक ऐसा अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जाएगा जो स्वच्छता अवसंरचना के संचालन और रखरखाव में उनके योगदान को मान्यता देता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने बताया कि नमस्ते योजना के अंतर्गत 22 सितंबर तक सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का घटक सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करता है और इसके तहत 90,186 कर्मचारियों का सत्यापन किया जा चुका है । सत्यापित कार्यबल में 86,468 पुरुष, 3,713 महिलाएं और पांच ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।
श्री पंत ने बताया कि हितधारकों के बीच 87,008 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट और 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाई सुरक्षा उपकरण सेट वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 27,034 स्वास्थ्य बीमा ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाई है, 5,449 व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किए हैं और सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों के लिए 1,841 कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
सचिव ने बताया कि स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत मशीनीकरण हेतु पूंजीगत सब्सिडी के रूप में 983 लाभार्थियों को 34.16 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है । उन्होंने आगे बताया कि अब तक 87,037 पीपीई किट का ऑर्डर दिया जा चुका है, जबकि 87,008 किट वितरित की जा चुकी हैं।
श्री पंत ने कहा कि कचरा बीनने वाले घटक ने 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,51,756 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार किया है, जिसमें 1,35,233 पुरुष, 1,16,498 महिलाएं और 25 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 7,526 स्वास्थ्य बीमा ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी की है , साथ ही कार्यान्वयन में सहयोग देने वाले 17 प्रशिक्षण प्रदाता और 33 संसाधन संगठन भी शामिल हैं।
सचिव ने कहा कि प्रोफाइलिंग, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा कवरेज, क्षमता निर्माण और मशीनीकरण पर संयुक्त रूप से ध्यान केंद्रित करने के माध्यम से, नमस्ते योजना एक सुरक्षित और अधिक सम्मानजनक स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही है, साथ ही स्वच्छता कर्मचारियों और कचरा बीनने वालों के लिए आजीविका और सामाजिक सुरक्षा सहायता का विस्तार कर रही है।
श्री पंत ने बताया कि यह योजना राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) द्वारा कार्यान्वित हस्तक्षेपों के माध्यम से स्थायी आजीविका, क्षमता निर्माण, सुरक्षा उपकरणों तक पहुंच और मशीनीकरण को बढ़ावा देती है।

