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Wednesday, September 23, 2026
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वेव्स ओटीटी और मायवेव्स

by admin
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सार्वजनिक प्रसारण से लेकर सार्वजनिक भागीदारी तक

WAVES, प्रसार भारती के पारंपरिक प्रसारण से एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक सेवा पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बदलाव को दर्शाता है। WAVES OTT लाइव टेलीविजन, रेडियो, ऑन-डिमांड कार्यक्रम, अभिलेखागार, शिक्षा, भक्ति सामग्री और प्रकाशनों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है। 1.2 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ताओं , 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड और 24,000 से अधिक शीर्षकों के साथ , यह विभिन्न उपकरणों और भाषाओं में पहुंच का विस्तार कर रहा है। MyWAVES रचनाकारों को प्रस्तुत करने, खोज करने और प्रदर्शित करने के लिए एक संस्थागत मंच प्रदान करता है, जबकि Gems of India जिला-स्तरीय कहानियों और प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है। नई सामग्री स्रोत और वितरण तंत्र भागीदारी को और भी बढ़ाते हैं। WAVES समिट पारिस्थितिकी तंत्र के साथ मिलकर , ये पहलें भारत की प्रसारण विरासत और उभरते रचनाकारों को व्यापक दर्शकों और वैश्विक बाजारों से जोड़ती हैं।

डिजिटल पीढ़ी के लिए सार्वजनिक प्रसारण

दशकों से दूरदर्शन और आकाशवाणी ने कहानियों, समाचारों, संस्कृति और संगीत के माध्यम से लाखों लोगों को जोड़ा है। आज, दर्शक स्मार्टफोन, स्मार्ट टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामग्री प्राप्त करते हैं। इसलिए, सार्वजनिक प्रसारण बदलते प्रारूपों, भाषाओं और देखने की आदतों के अनुरूप विकसित हुआ है और डिजिटल, ओवर-द-टॉप या ओटीटी प्लेटफॉर्म मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल के तहत, वीडियो, ऑडियो और मैसेजिंग सामग्री सीधे इंटरनेट के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाई जाती है, जिसके लिए केबल, उपग्रह और सेवा प्रदाताओं की आवश्यकता नहीं होती है।   प्रसार भारती द्वारा 20 नवंबर 2024 को लॉन्च किया गया WAVES OTT, इसी बदलाव का एक उदाहरण है। यह टीवी और रेडियो के पुराने संग्रह, समकालीन कार्यक्रम और लाइव प्रसारण को एक बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है। MyWAVES नागरिकों को अपनी मूल सामग्री बनाने और साझा करने की सुविधा देकर इस बदलाव को और आगे बढ़ाता है।

यह परिवर्तन भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में अवसरों का विस्तार करने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है । इस प्रयास को गति और पहचान वेव्स समिट से मिलती है, जिसे दुनिया भर के रचनाकारों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, ताकि साझेदारी, व्यावसायिक अवसरों और अंतर्राष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा दिया जा सके। वेव्स समिट का पहला संस्करण 2025 में आयोजित किया गया था। इस समिट ने अपने विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से रचनाकारों और स्टार्टअप्स को समर्थन देने, निवेश को सुगम बनाने और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने में योगदान दिया है।

वेव्स ओटीटी: सार्वजनिक प्रसारण को डिजिटल बनाना

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प्रसारण अभिलेखागार से लेकर डिजिटल पहुंच तक

नीले और सफेद रंग का आरेख जिस पर सफेद रंग का टेक्स्ट है, एआई द्वारा जनरेट की गई सामग्री गलत हो सकती है।

वेव्स ओटीटी को 20 नवंबर 2024 को गोवा में आयोजित 55 वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लॉन्च किया गया था । इसे प्रसार भारती के सार्वजनिक सेवा ओटीटी प्लेटफॉर्म के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस लॉन्च ने भारत की प्रसारण विरासत को आधुनिक डिजिटल जगत में ला खड़ा किया। व्यावसायिक ओटीटी प्लेटफॉर्मों के विपरीत, वेव्स ओटीटी मनोरंजन से कहीं आगे बढ़कर विश्वसनीय जानकारी, शिक्षा, संस्कृति, समाचार और चुनिंदा मनोरंजन का संगम है। यह सार्वजनिक प्रसारण को निश्चित समय सारिणी और पारंपरिक टेलीविजन सेटों से परे ले जाता है। दर्शक अपनी सुविधानुसार राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सामग्री देख सकते हैं।

यह प्रसार भारती के विशाल संग्रह को युवा और व्यापक दर्शकों तक भी पहुंचाता है। इसकी सुगम पहुंच प्रमुख शहरों और सशुल्क स्ट्रीमिंग सेवाओं से परे के लोगों तक पहुंचने में सहायक है। साझेदारी, उपशीर्षक और बेहतर खोज जानकारी क्षेत्रीय सामग्री को आसानी से खोजने योग्य बनाती है। इसका शुभारंभ तीन व्यापक लक्ष्यों का समर्थन करता है: व्यापक डिजिटल पहुंच, सांस्कृतिक संरक्षण और भाषाई विविधता । यह दर्शाता है कि कैसे एक राष्ट्रीय संस्था अपने सार्वजनिक सेवा उद्देश्य को बनाए रखते हुए आधुनिक बन सकती है।

इसलिए WAVES OTT महज एक और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से कहीं अधिक है। यह इस बात का प्रतिनिधित्व करता है कि प्रसार भारती किस प्रकार सामग्री वितरित करता है, दर्शकों तक पहुंचता है और रचनाकारों, निर्माताओं और सामग्री भागीदारों के साथ काम करता है, इसमें एक व्यापक सुधार हुआ है।

एक प्लेटफॉर्म, अनेक अनुभव

WAVES OTT टेलीविजन, रेडियो, स्ट्रीमिंग, शिक्षण और डिजिटल प्रकाशनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसकी बढ़ती लाइब्रेरी में अब 24,000 से अधिक टाइटल और 15,000 घंटे की सामग्री शामिल है ।

  • ऑन डिमांड देखें: फिल्में, टेलीविजन शो, वेब सीरीज, वृत्तचित्र और अभिलेखीय कार्यक्रम।
  • लाइव प्रसारण देखें: 140 से अधिक टेलीविजन चैनल और 220 रेडियो सेवाएं
  • प्रमुख घटनाओं का अनुसरण करें: राष्ट्रीय अवसर, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक कार्यक्रम।
  • सीखें और तैयारी करें: पीएम ईविद्या के चैनल और शैक्षिक कार्यक्रम छात्रों और शिक्षार्थियों को सहयोग प्रदान करते हैं।
  • पढ़ें और अन्वेषण करें: ई-पुस्तकें, फोटो संग्रह और पत्रिकाएं जैसे योजना और कुरुक्षेत्र
  • खेलें और खरीदारी करें: गेम और ONDC-एकीकृत खरीदारी WAVES को पारंपरिक स्ट्रीमिंग से आगे ले जाती है।

यह मंच मनोरंजन को शिक्षा, संस्कृति, विरासत और उपयोगी सार्वजनिक जानकारी के साथ जोड़ता है। प्रसार भारती के अभिलेखागार से प्राप्त हजारों घंटों की सामग्री नए दर्शकों को भारत के प्रसारण इतिहास से जोड़ती है।

भाषाओं और स्क्रीन के पार पहुंचें

वेव्स ओटीटी के पास वर्तमान में 1.2 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता और 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं , जो प्रसार भारती की डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है। यह अब 130 से अधिक देशों में दर्शकों तक पहुंचता है ।

  • इसका इंटरफ़ेस 10 से अधिक भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसकी सामग्री 26 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है ।
  • यह मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट और कनेक्टेड टेलीविजन के माध्यम से उपलब्ध है।
  • इसमें दूरदर्शन के सभी 35 सैटेलाइट चैनलों के साथ-साथ अन्य प्रसारकों के चैनल भी प्रसारित होते हैं।
  • इसकी रेडियो सेवाएं आकाशवाणी के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेटवर्क पर आधारित हैं।
  • क्षेत्रीय सामग्री और उपशीर्षक विभिन्न भाषाओं और स्थानों के दर्शकों तक पहुंचने में मदद करते हैं।

वेव्स ओटीटी पूरे भारत में दर्शकों, विशेष रूप से युवाओं और डिजिटल-फर्स्ट उपयोगकर्ताओं, क्षेत्रीय और भाषाई समुदायों, और सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और अभिलेखीय सामग्री चाहने वालों को लक्षित करता है। यह भारतीय प्रवासी भारतीयों और दुनिया भर के दर्शकों को भारतीय सामग्री, संस्कृति और सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है। यह विस्तारित डिजिटल पहुंच वेव्स ओटीटी को भारत के विकसित होते सार्वजनिक प्रसारण तंत्र के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में मजबूत करती है, साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान परंपराओं, क्षेत्रीय विविधता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करने वाला एक मंच प्रदान करती है।

अधिक सामग्री के लिए प्लेटफ़ॉर्म खोलना

WAVES OTT सार्वजनिक प्रसारण में सामग्री के प्रवेश के तरीके को भी बदल रहा है। पे-पर-व्यू कंटेंट सोर्सिंग पॉलिसी निर्माताओं और अधिकार धारकों को प्लेटफ़ॉर्म के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करने हेतु एक पारदर्शी और स्केलेबल तंत्र उपलब्ध कराती है।

WAVES ने ONDC एकीकरण और रेलवे से संबंधित डिजिटल वितरण पहल भी शुरू की हैं । इन उपायों से वितरण का दायरा बढ़ता है, सामग्री साझेदारी को प्रोत्साहन मिलता है और भारतीय और क्षेत्रीय सामग्री को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मार्ग प्रशस्त होते हैं।

MyWAVES: दर्शकों को रचनाकारों में बदलना

MyWAVES को 23 मार्च 2026 को WAVES OTT के अंतर्गत लॉन्च किया गया था । यह प्लेटफॉर्म को कंटेंट देखने से आगे बढ़ाकर सक्रिय जनभागीदारी तक विस्तारित करता है। नागरिक एक सुव्यवस्थित राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौलिक कंटेंट बना सकते हैं, अपलोड कर सकते हैं और साझा कर सकते हैं। MyWAVES लघु वीडियो, वर्टिकल वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट को सपोर्ट करता है। इसका बहुभाषी इंटरफ़ेस रचनाकारों को भारतीय भाषाओं में कहानियां सुनाने में मदद कर सकता है। यह ‘ क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ सहित राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी को भी बढ़ावा देता है ।

यह प्लेटफॉर्म स्थापित मीडिया नेटवर्कों से बाहर उभरते रचनाकारों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है। यह क्षेत्रीय कहानियों, स्थानीय प्रतिभाओं और सामुदायिक अनुभवों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचा सकता है। ऐसा करके, MyWAVES नागरिक भागीदारी और भारत की बढ़ती रचनाकार अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करता है।

MyWAVES भारत की डिजिटल कहानी कहने की यात्रा में नागरिकों को केवल दर्शक से भागीदार में बदल देता है।

भारत के रत्न: MyWAVES का क्रियान्वयन

जेम्स ऑफ इंडिया चैलेंज यह दर्शाता है कि MyWAVES देश भर के रचनाकारों को किस प्रकार सहयोग दे सकता है। इसका पायलट चरण 21 जुलाई 2026 को छह पायलट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया था । रचनाकार WAVES OTT के MyWAVES सेक्शन के माध्यम से एक से तीन मिनट के मौलिक वीडियो जमा कर सकते थे । पायलट चरण के लिए आवेदन 1 से 31 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए गए थे ।

इस प्रतियोगिता में नागरिकों को अपने-अपने जिलों के बारे में कहानियां सुनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। विषयों में शामिल हैं:

  • संस्कृति, विरासत और ऐतिहासिक स्थल।
  • पर्यटन, प्रकृति और कम ज्ञात स्थल।
  • लोक परंपराएं, त्यौहार और प्रदर्शन कलाएं।
  • हस्तशिल्प, हथकरघा और क्षेत्रीय व्यंजन।
  • स्थानीय हस्तियां, नवाचार और उपलब्धियां।

इस पहल में प्रसार भारती, माय भारत और राज्य एवं जिला प्रशासन शामिल हैं। सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थान रचनाकारों की भागीदारी और सामग्री विकास में सहयोग करते हैं। इसके अलावा, यूट्यूब और मेटा भी अपने रचनाकार समुदायों के माध्यम से प्रचार-प्रसार में सहायता कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम का विस्तार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होने की उम्मीद है। इसका व्यापक लक्ष्य जमीनी स्तर के डिजिटल रचनाकारों का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क बनाना है। इसके माध्यम से भारत की विविध स्थानीय पहचानों का एक डिजिटल संग्रह भी तैयार किया जा सकता है।

सामग्री, रचनाकारों और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को जोड़ना

भारत का डिजिटल मीडिया परिवर्तन केवल सामग्री को ऑनलाइन स्थानांतरित करने तक सीमित नहीं है। यह पहुंच को व्यापक बनाने, भागीदारी को प्रोत्साहित करने और प्रतिभाओं के लिए अवसर सृजित करने के बारे में भी है।

प्रत्येक पहल भारत की रचनात्मक यात्रा के एक अलग पहलू को संबोधित करती है। WAVES OTT प्रसारण अभिलेखागारों को संरक्षित करता है और उन्हें नए दर्शकों के लिए खोलता है। इसकी बहुभाषी सामग्री सूचना, शिक्षा और मनोरंजन को विभिन्न क्षेत्रों और उपकरणों पर उपलब्ध कराती है।

MyWAVES नागरिकों को अपनी बात कहने का अवसर देकर इस सुविधा को और मजबूत बनाता है। यह क्षेत्रीय रचनाकारों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, स्थानों और उपलब्धियों को दस्तावेज़ित करने की अनुमति देता है। जो कहानियाँ पहले स्थानीय समुदायों तक ही सीमित थीं, उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।

व्यापक वेव्स पारिस्थितिकी तंत्र
वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) भारत का मीडिया और मनोरंजन के लिए वैश्विक मंच है। इसका पहला संस्करण 1 से 4 मई 2025 तक मुंबई में आयोजित किया गया , जिसमें रचनाकारों, व्यवसायों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाया गया। इसमें प्रसारण और मनोरंजन, AVGC-XR, डिजिटल मीडिया और फिल्मों को शामिल किया गया ।WAVES 2025 एक नज़र में100 से अधिक देश | 10,000 से अधिक प्रतिनिधि | 1,000 रचनाकार | 300 से अधिक कंपनियां | 350 से अधिक स्टार्टअप | एक लाख से अधिक प्रतिभागीप्रमुख प्लेटफ़ॉर्मग्लोबल मीडिया डायलॉग ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया, जबकि क्रिएटोस्फीयर और क्रिएट इन इंडिया चैलेंजेस ने रचनात्मक प्रतिभाओं की पहचान की और उन्हें प्रदर्शित किया। वेव्स बाज़ार ने परियोजनाओं को खरीदारों और निवेशकों से जोड़ा, और वेवएक्स ने मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और निवेश के अवसरों के माध्यम से मीडिया-टेक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया। भारत पवेलियन और ज्ञान सत्रों ने भारत की कहानी कहने की परंपराओं और उभरती क्षमताओं को प्रस्तुत किया।मुख्य परिणामवेव्स घोषणापत्र को 77 देशों ने अपनाया था ।क्रिएट इन इंडिया चैलेंज में 60 से अधिक देशों से लगभग एक लाख पंजीकरण प्राप्त हुए , जिनमें 750 से अधिक फाइनलिस्ट और 150 से अधिक पुरस्कार विजेता शामिल हैं ।वेव्स बाजार ने 3,000 से अधिक बैठकों के माध्यम से 1,328 करोड़ के व्यावसायिक लेनदेन किए ।व्यूइंग रूम में आठ देशों की 100 फिल्में दिखाई गईं , जबकि 30 से अधिक स्टार्टअप ने वेवएक्स के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए।WAVES अपने निर्माता, व्यवसाय और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिखर सम्मेलन के बाद भी अपना काम जारी रखता है। ये पहलें पूरे वर्ष प्रतिभाओं को बाजारों, निवेश और वैश्विक अवसरों से जोड़ती हैं।

वेव्स समिट ने इन प्रयासों को एक वैश्विक रचनात्मक उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत किया, जिससे रचनाकारों को व्यवसायों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी लोगों से जोड़ा जा सके। अपने बाज़ारों, रचनाकार चुनौतियों और स्टार्टअप प्लेटफार्मों के माध्यम से, यह प्रतिभाओं को पेशेवर नेटवर्क, दर्शकों और वैश्विक अवसरों तक पहुँचने के रास्ते प्रदान करता है। इन पहलों की शक्ति इनके परस्पर जुड़ाव में निहित है। अभिलेखागार भारत की सांस्कृतिक स्मृति को संरक्षित करते हैं, क्षेत्रीय प्लेटफार्म विविध कहानियों को बढ़ावा देते हैं, और नई प्रतिभाओं को सृजन और नवाचार के अवसर प्रदान किए जाते हैं। ये सभी मिलकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उसके विकसित होते रचनात्मक भविष्य से जोड़ते हैं, जिससे सार्वजनिक प्रसारण अधिक सुलभ और सामग्री निर्माण अधिक समावेशी बनता है।

मौजूदा परंपराओं को संरक्षित करते हुए नई आवाजों को मंच प्रदान करने वाली ये पहलें वैश्विक मीडिया और मनोरंजन जगत में भारत की बढ़ती उपस्थिति में योगदान दे रही हैं। ये पहल स्थानीय सांस्कृतिक पहचानों पर आधारित, राष्ट्रीय मंचों से जुड़ी और वैश्विक मंच पर तेजी से उभरती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को आकार देने में सहायक हैं।

संदर्भ

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय

https://prasarbharati.gov.in/waves

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2243949®=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/waves/2025/index.aspx?reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2154230®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2268091®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2286946®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2126844&utm®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2125495&utm®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2125725®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2209982®=3&lang=1

पीआईबी पृष्ठभूमि संबंधी जानकारी

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2229463®=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/FeaturesDeatils.aspx?NoteId=154360&ModuleId=2®=48&lang=2

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