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भारत टाटा के डेटा लीक की जांच कर रहा है, जिससे एप्पल आईफोन के रहस्य उजागर हुए थे।

नई दिल्ली, 3 जुलाई (रॉयटर्स) – भारत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में हुए डेटा उल्लंघन की जांच कर रहा है, जिसमें ऐप्पल (एएपीएल.ओ) के अभी तक लॉन्च न हुए आईफोन 18 प्रो से जुड़े दस्तावेज लीक हुए हैं। देश के सूचना प्रौद्योगिकी सचिव ने गुरुवार को इस घटना पर सरकार की पहली सार्वजनिक टिप्पणी में यह बात कही।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, घटकों और आपूर्तिकर्ताओं की संवेदनशील सूचियों के साथ-साथ आईफोन 18 प्रो मॉडल की तस्वीरें उन फाइलों में शामिल हैं जिन्हें ऐप्पल के भारतीय आपूर्तिकर्ता टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से डेटा चुराने वाले एक रैंसमवेयर समूह द्वारा डार्क वेब पर पोस्ट किया गया था।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने पत्रकारों से कहा, “हम जांच कर रहे हैं।”
कृष्णन ने कहा कि इस घटना की सूचना भारत की कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम को दे दी गई है, जो कंप्यूटर सुरक्षा संबंधी मुद्दों के लिए जिम्मेदार मुख्य एजेंसी है।
इस उल्लंघन से आईफोन के निर्माण के सावधानीपूर्वक किए गए और बेहद संवेदनशील व्यवसाय को खतरा है, जिसे एप्पल दुनिया भर के आपूर्तिकर्ताओं के एक समूह का उपयोग करके असेंबल करता है।
Apple सितंबर में अपने iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च करने वाला है। लीक हुई फाइलों में कम से कम छह ऐसी फाइलें हैं जिनसे पता चलता है कि iPhone 18 Pro मॉडल के लिए कौन-कौन से कंपोनेंट कौन सी कंपनियां बना रही हैं। यह जानकारी Apple अपने सप्लायरों के सार्वजनिक डेटाबेस में नहीं देता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस लीक के बाद टाटा ने एक वैश्विक सलाहकार को फोरेंसिक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है, क्योंकि इस लीक में टेस्ला (टीएसएलए.ओ), क्वालकॉम (क्यूकॉम.ओ) और टीएसएमसी (2330.टीडब्ल्यू) के दस्तावेज भी डार्क वेब पर पोस्ट किए गए थे।

आदित्य कालरा और अर्पण चतुर्वेदी द्वारा रिपोर्टिंग; मार्क पॉटर और जो बावियर द्वारा संपादन।

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