दूरदर्शन नेटवर्क के 28 क्षेत्रीय/राज्य चैनल हैं, जो अपनी-अपनी प्रादेशिक भाषाओं/बोलियों में कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। आकाशवाणी अपने 112 क्षेत्रीय चैनलों के माध्यम से देशभर में 23 प्रमुख भाषाओं और 182 बोलियों में कार्यक्रम प्रसारित करता है।
दर्शकों की आवश्यकताओं और जनसेवा के उद्देश्यों के अनुरूप प्रादेशिक भाषाओं में नए कार्यक्रम निरंतर शामिल किए जाते हैं।
प्रसार भारती का आधुनिकीकरण और उन्नयन केंद्रीय क्षेत्र योजना प्रसारण अवसंरचना एवं नेटवर्क विकास (बीआईएनडी) (2021-26) के अंतर्गत किया जा रहा है। इसके लिए कुल 2,539.61 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दूरदर्शन और आकाशवाणी दोनों में उत्पादन उपकरण, स्टूडियो सुविधाएं, ट्रांसमीटर और डिजिटल प्रसारण अवसंरचना का उन्नयन करना है।
प्रसारण क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के मद्देनजर, मानव संसाधन की बदलती आवश्यकता को प्रसार भारती की संविदात्मक नियुक्ति नीति के अनुसार भर्ती करके पूरा किया जाता है। यह केंद्रों द्वारा अनुमानित कार्यात्मक आवश्यकता के अनुसार किया जाता है।
दूरदर्शन के पास 65 कार्यक्रम निर्माण केंद्र हैं और आकाशवाणी के पास 230 स्टेशन हैं। इनमें कार्यक्रम निर्माण के लिए स्टूडियो सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे क्षेत्रीय/स्थानीय स्टेशनों के कलाकारों, रचनाकारों और प्रतिभाओं का उपयोग करके स्थानीय/प्रादेशिक भाषाओं में कार्यक्रम तैयार करना संभव हो पाता है।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्यसभा में श्रीमती गीता उर्फ चंद्रप्रभा द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी।









