केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मालदीव गणराज्य के स्थानीय शासन एवं लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री अहमद सलीम के नेतृत्व में आए 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। मालदीव सरकार के 11 उप-मंत्रियों और 18 वरिष्ठ अधिकारियों वाला यह प्रतिनिधिमंडल मालदीव के मंत्रियों और अधिकारियों के लिए स्मार्ट सिटी मिशन पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहा है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) द्वारा आयोजित और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, राज्य मंत्री (पीपी) ने दोनों देशों के बीच साझा विरासत और ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला। मंत्री महोदय ने कहा कि भारत मालदीव के अधिकारियों के क्षमता निर्माण में सहायता करने और लोक नीति, शासन, नीली अर्थव्यवस्था, समुद्री संसाधन प्रबंधन, महासागर-आधारित प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन, स्टार्टअप नीतियों और बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञान और विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में हुए प्रशासनिक सुधारों, सुशासन प्रथाओं और क्षमता निर्माण में प्रगति और विकास पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत में एक मज़बूत सिविल सेवा प्रणाली है, जो विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और लोक सेवा निकायों सहित विभिन्न शासन संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति मिशन, आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को मुफ़्त गैस सिलेंडर जैसी महिला सशक्तिकरण योजनाओं आदि जैसी पहलों को देखें और उनसे सीखें। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के अधिकारियों की ज़रूरतों के अनुसार प्रमुख क्षेत्रों में आवश्यकता-आधारित कार्यक्रम तैयार करने को तैयार है।
अंत में, डॉ. सिंह ने मालदीव के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और दोनों देशों और उनकी जनता के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प लिया। उन्होंने क्षमता निर्माण कार्यक्रम को द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर बताया, जो अंतर-सांस्कृतिक समझ और संयुक्त पहल का अवसर प्रदान करता है। डॉ. सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि साझा ज्ञान और अनुभवों के माध्यम से, दोनों देश पारस्परिक लाभ के लिए प्रभावी शासन की नींव मज़बूत कर सकते हैं।
एनसीजीजी के महानिदेशक डॉ. सुरेन्द्र कुमार बागड़े, आईएएस ने समग्र क्षमता निर्माण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार एनसीजीजी मालदीव के अधिकारियों के सीखने और विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अनुकूलित कार्यक्रम तैयार कर रहा है, ताकि देश के समग्र विकास के लिए कार्यक्रमों को लागू करने और डिजाइन करने की उनकी क्षमता हासिल की जा सके।
इस अवसर पर बोलते हुए, प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, स्थानीय शासन एवं लोक निर्माण राज्य मंत्री, श्री अहमद सलीम ने इस अनूठे शिक्षण अवसर के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम से व्यापक रूप से सीखने और लाभ प्राप्त करने की आशा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सबसे महत्वाकांक्षी और सफल शहरी परिवर्तन पहलों से सीखना ही हमारा मिशन है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन नवाचार का एक प्रतीक है, जो दर्शाता है कि कैसे प्रौद्योगिकी, शासन और नागरिक सहभागिता मिलकर लाखों लोगों के लिए स्थायी शहरी वातावरण का निर्माण करते हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से 3 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक चलने वाला यह दो-सप्ताह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । गौरतलब है कि एनसीजीजी ने अब तक मालदीव के सिविल सेवकों के लिए क्षेत्रीय प्रशासन में कुल 39 क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में स्थायी सचिवों, महासचिवों और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों सहित 1206 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित किया है। अगस्त, 2024 में 1000 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण के बाद, यह कार्यक्रम मालदीव के सिविल सेवकों के लिए क्षेत्रीय प्रशासन में कुल 39 क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में आयोजित किया गया है।









