भारत के बड़े इनफॉर्मल वर्कफोर्स के लिए पूरी सोशल सिक्योरिटी पक्का करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए , मिनिस्ट्री ऑफ़ लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट ने ऑर्गनाइज़्ड वर्कर्स और गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड के ऑफिशियल गठन को नोटिफाई किया है । सोशल सिक्योरिटी कोड के कानूनी फ्रेमवर्क के तहत बनाए गए ये बोर्ड, डिजिटल गिग और प्लेटफॉर्म प्रोफेशनल्स को भारत के फॉर्मल वेलफेयर आर्किटेक्चर में इंटीग्रेट करके एक ऐतिहासिक बदलाव लाएंगे।
बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री करेंगे और इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों, एम्प्लॉयर्स, सिविल सोसाइटी संगठनों, वर्कर्स यूनियनों और गिग और प्लेटफॉर्म एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे । बोर्ड को पारंपरिक असंगठित वर्कर्स के साथ-साथ लाखों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी की कमी को पूरा करने के लिए टारगेटेड वेलफेयर स्कीम्स को डिजाइन करने, मॉनिटर करने और सुझाव देने का काम सौंपा गया है ।
नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड साल में कम से कम तीन बार मिलेंगे और अपनी मीटिंग में काम के लेन-देन से जुड़े प्रोसीजर के नियमों का पालन करेंगे, जैसा कि केंद्र सरकार ने बताया है।
नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड ये काम करेंगे, जैसे:-
(क) असंगठित कामगारों, गिग कामगारों तथा प्लेटफार्म कामगारों के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएँ तैयार करने हेतु केन्द्र सरकार को सिफारिश करना;
(ख) इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर केन्द्रीय सरकार को सलाह देना जो उसे भेजे जाएं;
(ग) असंगठित कामगारों, गिग कामगारों तथा प्लेटफार्म कामगारों के लिए ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रशासित की जाती हैं,
(घ) राज्य स्तर पर निष्पादित अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना;
(ई) फंड और अकाउंट से खर्च का रिव्यू करना; और
(च) केन्द्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्य करना।

