प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ध्यान दिया कि केंद्रीय राज्य मंत्री लिखते हैं कि शिक्षण एक कला और रचनात्मक कार्य है, जिसके लिए मानवीय संबंध, शिक्षण पद्धति और छात्रों में छिपी प्रतिभा को पहचानने की क्षमता आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि एनईपी 2020, उल्लास, विद्यांजलि और अन्य कई पहलें शिक्षण और अधिगम को सशक्त बना रही हैं, साथ ही प्रत्येक शिक्षक को राष्ट्र निर्माण में योगदानकर्ता के रूप में मान्यता दे रही हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने X को पोस्ट किया:
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री @jayantrld लिखते हैं कि शिक्षण एक कला और रचनात्मक कार्य है, जिसके लिए मानवीय संबंधों, शिक्षण पद्धति और छात्रों में क्षमता देखने की आवश्यकता होती है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि एनईपी 2020, उल्लास, विद्यांजलि और अन्य कई पहलें शिक्षण और अधिगम को कैसे मजबूत कर रही हैं, साथ ही प्रत्येक शिक्षक को राष्ट्र निर्माण में योगदानकर्ता के रूप में मान्यता दे रही हैं।









