विश्व शेर दिवस के अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
विश्व शेर दिवस 2026 के अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने शेर संरक्षण में भारत की उल्लेखनीय यात्रा का जश्न मनाया और वन्यजीवों और जैव विविधता की रक्षा के लिए देश की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मंत्री ने बताया कि एशियाई शेरों की आबादी 2015 में 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय वन अधिकारियों, संरक्षणवादियों, स्थानीय समुदायों और इस शानदार प्रजाति की रक्षा के लिए अथक प्रयास कर रहे सभी लोगों के समर्पण को दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा की। वर्तमान में, शेरों का क्षेत्र 2020 में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर लगभग 35,000 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
यह परियोजना जैव विविधता संरक्षण के लिए भू-भाग-स्तरीय, समग्र दृष्टिकोण अपनाती है, जिसमें पर्यावास संवर्धन, रोग निगरानी और पशु चिकित्सा सहायता, वैज्ञानिक जनसंख्या ट्रैकिंग, प्रौद्योगिकी-सहायता प्राप्त हस्तक्षेप, जैव विविधता संरक्षण, लाभ साझाकरण और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जाता है।









