प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें दृष्टि, विचार, शब्द और कार्यों के माध्यम से लोगों का दिल जीतने की शक्ति पर प्रकाश डाला गया।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;
“हमारे युवा मित्र देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपने धर्म, सेवाभाव और दृढ़ संकल्प से विश्व में अलग पहचान बनाई है।”
चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्।
प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।”
जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, शब्दों और कार्यों के माध्यम से लोगों का दिल जीत लेता है, वह बदले में उनका विश्वास, सम्मान और सद्भावना अर्जित करता है।









