The New Version is Coming Very Soon
The New Version is Coming Very Soon
The New Version is Coming Very Soon
The New Version is Coming Very Soon

ANN Hindi

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की


राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों का चयन किया गया।

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से युवा छात्रों में नशीली दवाओं की लत की समस्या के प्रति सतर्क रहने और उन्हें इससे उबरने में मदद करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन टाइम को खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से कम करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से बचपन को संरक्षित करने और बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को पोषित करने का आग्रह किया।

शिक्षकों ने कक्षा शिक्षण को अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए अपनाए गए रचनात्मक तरीकों को साझा किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की।

इस वर्ष, तीन विभागों से 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनमें विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के 48 शिक्षक, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक/संकाय सदस्य और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार विजेताओं ने अपने शिक्षण सफर को आकार देने वाले अनुभवों और नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए अपनाए गए कई रचनात्मक तरीकों को साझा किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन से परे जाकर उनके व्यवहार और दैनिक जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। पारंपरिक संयुक्त परिवार व्यवस्था में कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। नशे की समस्या का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने, इसके कारणों का पता लगाने और ऐसे बच्चों को इस लत से उबरने में मदद करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बचपन की मासूमियत को संरक्षित करना एक महत्वपूर्ण भूमिका है जो शिक्षक निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में एक समान मूल स्वभाव और जिज्ञासा होती है और यदि शिक्षक इस जिज्ञासा को पोषित करें और उचित दिशा दें, तो वे उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

स्क्रीन टाइम के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अभिभावकों से इस बारे में बात करें कि उनके बच्चे स्क्रीन पर कितना समय बिताते हैं और क्या वे देर रात तक मोबाइल फोन का उपयोग करते रहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि विकसित करके बच्चे धीरे-धीरे स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से बाहर निकल सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए बच्चों को कक्षा से बाहर ले जाकर उन्हें वास्तविक दुनिया के कौशल और कार्य के विभिन्न रूपों से जोड़ने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से यह भी आग्रह किया कि वे केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान प्रदान करने तक ही सीमित न रहें, बल्कि बच्चों में श्रम की गरिमा जैसे मूल्यों को भी विकसित करने में सहयोग करें।

Share News Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री द्वारा लिखित एक लेख साझा किया, जिसमें शिक्षार्थियों को सूचना से ज्ञान की ओर मार्गदर्शन करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया है।

Read More »
error: Content is protected !!