प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ अपने छात्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें नेक विचारों और मूल्यों के माध्यम से आकार देते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी से अपने गुरुओं के आदर्शों को अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने
एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।
शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”
सुभाषितम् का अर्थ है कि जो सही दिशा प्रदान करता है, ज्ञान और सत्य प्रदान करता है, धर्म का मार्ग दिखाता है, शिक्षा प्रदान करता है और जीवन में सत्य की समझ जगाता है, आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। इन्हें गुरु के छह रूप माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;
“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आओ, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल दें।
उपदेशकः सुचश्चैव वाचकोस्तथा।
शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”









