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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब सर्वांगीण विकास हरेक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करता है, तो इससे देश की प्रगति को एक नई गति मिलती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसी प्रेरक भावना के साथ देश भारत की क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।
राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥”

यह सुभाषितम् संदेश देता है कि महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित करना, युवा पीढ़ी की रक्षा और उनका पोषण करना, तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुशासन के लिए लगातार आवश्यक व्यवस्थाएं करना हरेक जनप्रतिनिधि का सतत कर्तव्य है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा;
“जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं।
कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।
राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥”

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