असम के मुख्य सचिव और कछार एसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
रिपोर्ट में घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति के साथ-साथ मृतकों के परिजनों और घायल श्रमिकों को मुआवजे के वितरण का विवरण भी शामिल होना चाहिए।
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि 26 जुलाई 2026 को असम के कछार जिले में एक धातु प्रसंस्करण कारखाने में हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। खबरों के अनुसार, विस्फोट के बाद पिघली हुई धातु श्रमिकों पर गिर गई। मृतकों के परिवारों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कारखाने में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य, यदि सत्य हैं, तो मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठाते हैं। तदनुसार, आयोग ने असम के मुख्य सचिव और कछार के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति के साथ-साथ मृतकों के परिजनों और घायल श्रमिकों को मुआवजे के वितरण का विवरण भी शामिल होना चाहिए।
27 जुलाई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट के समय कारखाने में 100 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे।









