अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय अल्पसंख्यक समुदायों, जिनमें सिख समुदाय भी शामिल है, की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए विभिन्न योजनाएँ लागू करता है। इन योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में समान हिस्सेदारी दिलाने तथा गरिमा और समान भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके उत्थान का प्रयास किया जाता है। मंत्रालय प्रधानमंत्री विरासत संवर्धन (पीएम विकास), प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) जैसी विभिन्न योजनाएँ और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के माध्यम से कम ब्याज दरों पर ऋण जैसी योजनाएँ कार्यान्वित कर रहा है। हाल ही में सिख समुदाय से श्री हरजीत सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
सिख समुदाय के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) द्वारा ‘सिख समुदाय तक पहुंच’ पर एक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन का उद्देश्य वर्तमान पहुंच प्रयासों में मौजूद कमियों की पहचान करना और विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में सिख समुदाय के लिए समर्थन, समावेशिता और सहभागिता में सुधार हेतु रणनीतियों की सिफारिश करना था।
विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सामाजिक सद्भाव और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) नियमित रूप से अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ सर्व धर्म संवाद (अंतरधार्मिक संवाद) बैठकें आयोजित करता है और अल्पसंख्यक धर्मों के प्रमुख त्योहार मनाता है। आयोग सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को धार्मिक नेताओं, समुदाय प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों और सरकारी अधिकारियों को शामिल करते हुए नियमित सर्व धर्म संवाद बैठकों और सर्व धर्म सद्भाव कार्यक्रमों को संस्थागत रूप देने की सलाह देता है, ताकि सामाजिक सद्भाव, अंतरधार्मिक संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा दिया जा सके। ये पहल अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर करने, जागरूकता पैदा करने और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में सहायक होती हैं।
यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।









